नेशनल हाईवे पांच सहित 42 सड़कें अभी भी अवरुद्ध, 200 ट्रांसफार्मर बंद, कड़ाके की ठंड में बिना बिजली गुजारा कर रहे लोग
पूर्वणी झूले में बुधवार रात फिर हुआ भूस्खलन, पूह का संपर्क कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। बीते दिनों हुई बर्फबारी से ही किन्नौर जिले के हजारों लोगों को राहत नहीं मिल पाई है, वहीं मौसम ने एक बार फिर से अपने तेवर बदल दिए हैं। वीरवार सुबह से ही जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। इससे जिले के लोगों की दुश्वारियां फिर से बढ़ने लगी हैं। पिछले कुछ दिन पहले हुई भारी बर्फबारी के कारण अभी भी नेशनल हाईवे पांच सहित जिले की 42 सड़कें बंद हैं। 200 ट्रांसफार्मर ठप होने से पूह खंड सहित कल्पा के ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। नेशनल हाईवे पांच सहित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की है। वीरवार को छितकुल, रक्षम, मस्तरंग, खरोगला, सांगला, बटसेरी, चांसू, कुन्नोचारंग, लिप्पा, आसरंग और नेसंग सहित जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई। निचले क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहा। रूपी सहित आसपास के इलाकों में बारिश हुई। वीरवार को सातवें दिन भी नेशनल हाईवे पांच विभिन्न स्थानों पर बाधित रहा। पूर्वणी झूले के पास बुधवार रात को भारी भूस्खलन होने से एनएच बाधित हो गया था, जिसे वीरवार दोपहर एक बजे यातायात के लिए बहाल किया गया। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से शिमला और स्पीलो तक ही वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि शेष सभी रूटों पर बस सेवाएं ठप हैं। इससे हजारों लोगों को आवाजाही में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिले के पूह खंड की 27 पंचायतें बीते एक सप्ताह से सड़क, संचार और विद्युत आपूर्ति की समस्या से जूझ रही हैं। इसके अलावा कल्पा और निचार खंड के कुछ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली आपूर्ति ठप है। पूह में 142 ट्रांसफार्मर, कल्पा और निचार खंड के 58 ट्रांसफार्मर अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को सर्द रातें बिना बिजली के बिताने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जिले के निगुलसरी में होमगार्ड और पुलिस के 20 जवान, नाथपा में छह जवान, रुतरंग और वादंग सहित अन्य संभावित स्थानों पर जवानों को तैनात किया गया है। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जवान तैनात किए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। संबंधित विभाग को मूलभूत सुविधाएं बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।