जिले की 30 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध, 18 मशीनें और 150 मजदूर मार्गों को बहाल करने में जुटे
जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार हो रही बारिश बर्फबारी से सड़कों को बहाल करना चुनौती बन गया है। रविवार को बर्फबारी के कारण लोक निर्माण विभाग को मार्ग बहाली में दिक्कतें पेश आ रही है। हालत यह है कि जिले में छह दिन के बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। ताजा बर्फबारी ने एक बार फिर से किन्नौर जिले की 30 सड़कों पर बसों के पहिये जाम कर दिए हैं। जिले में अधिकांश ग्रामीण रूट ठप हैं। इससे हजारों लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सोमवार को नेशनल हाईवे पर रिकांगपिओ से पूह तक और रिकांगपिओ से शिमला तक बसों की आवाजाही बराबर रही। वहीं ताजा हिमपात से सोमवार को कल्पा, रोघी, छितकुल, रक्षम, शौंग, काफनू, यांग्पा, रिब्बा, रिस्पा, लिप्पा, आसरंग, खादरा, नेसंग, ठंगी, लंबर और कुन्नौचारंग सहित कई अन्य मार्ग यातायात के लिए ठप हो गए हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और 150 मजदूर तैनात किए हैं, लेकिन रूक रूक कर हो रही बर्फबारी से मार्ग बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वहीं समूचे क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया और तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। इससे हजारों लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। सोमवार को कल्पा का अधिकतम तापमान 6.5 और न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 6 और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पीयूष ने कहा कि बर्फबारी के कारण अधिकांश रूटों पर बसों को नहीं भेजा गया। स्थिति सामान्य होते ही सभी रूटों पर बसें भेजी जाएंगी। लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन प्रमोद उप्रेती और एक्सईएन कल्पा डीके सेन ने कहा कि ताजा बर्फबारी के कारण 30 सड़कें बाधित हो गई हैं। इन्हें बहाल करने में 18 मजदूर और 150 मजदूर जुटे हैं। जल्द ही सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।