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Rampur Bushahar News: रिकांगपिओ-शिलती-कड़छम पर क्रैश बैरियर होते तो बच जाती पांच युवकों की जिंदगी

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करोड़ों की राशि खर्च करके आठ दिन पहले ही पास हुई थी सड़क, सुरक्षा के इंतजाम न होना बना हादसे की वजह
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बीरबल नेगी

सांगला (किन्नौर)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रिकांगपिओ-शिलती-कड़छम सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये की राशि खर्च तो की गई, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से क्रैश बैरियर नहीं लग पाए। यही वजह है कि आठ दिन पहले पास हुई सड़क में हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। जिले के लोगों ने हादसे के बाद सवाल उठाते हुए मार्ग पर जल्द क्रैश बैरियर लगाने की मांग की है। गौर हो कि कठिन भोगौलिक परिस्थिति वाले जनजातीय जिला किन्नौर की सड़कों पर सफर जानलेवा बना हुआ है। बीते रोज रिकांगपिओ-शिलती-कड़छम सड़क पर पेश आए हादसे को टाला सकता था यदि मार्ग पर क्रैश बैरियर लगे होते। मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च कर साढ़े ग्यारह किलोमीटर सड़क तो बनी, लेकिन आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी अनदेखी के चलते दर्दनाक हादसा पेश आया और इसमें पांच घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। बताते चलें कि वर्ष 1980 में रिकांगपिओ-शिलती-कड़छम मार्ग का निर्माण शुरू हुआ था। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2019 में पूरा हुआ। करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये की राशि खर्च कर मार्ग को पक्का तो किया गया, लेकिन लोगों की सुरक्षा के हिसाब से मार्ग पर क्रैश बेरियर नहीं लग पाए। बीते नौ जनवरी को एसडीएम कल्पा की अध्यक्षता वाली रोड पासिंग कमेटी ने मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए पास किया था। इस मार्ग के बनने से रिकांगपिओ से नेशनल हाईवे पांच की दूरी करीब 10 किलोमीटर कम हो जाती है और विकल्प के तौर पर भी मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और काजा स्पीति के हजारों लोगों को इस मार्ग से लाभ मिल रहा है। पंचायत प्रधान कल्पा सरिता नेगी, प्रधान रोघी रतन मंजरी नेगी, प्रधान कोठी ओम प्रकाश नेगी, उपप्रधान महेश कुमार नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोकटस, प्रधान थेमगारंग मनोहर देवी नेगी, प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, प्रधान शौंग राम प्यारी नेगी सहित लोगों ने कहा कि अगर सड़क पर क्रैश बैरियर लगे होते तो पांच युवकों की जान बच जाती। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, जिससे भविष्य में हादसों से बचा जा सके।
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कोट्स
जहां-जहां मार्ग संकीर्ण है, उसे खोलने का प्रयास किया जाएगा। मार्ग पर जहां क्रैश बैरियर लगने हैं, उसका एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है। बजट जारी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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अशोक कुमार नेगी, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग रिकांगपिओ

- संवाद
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