11 दिनों के बाद भी किन्नौर में पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन, 29 में से 23 ग्रामीण रूटों पर नहीं चलीं एचआरटीसी की बसें
काशंग से पूह 66 केवी लाइन नहीं हो पाई रिस्टोर, पूह की 27 पंचायतों में ब्लैक आउट
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रदेश में मौसम फिर से करवट ले रहा है, लेकिन जनजातीय जिला किन्नौर में अब भी हजारों लोगों की दुश्वारियां समाप्त नहीं हो पाई हैं। जिले की 22 सड़कें अभी भी बर्फबारी के कारण अवरूद्ध हैं, जबकि पूह खंड में बीते 11 दिनों से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। जिले के छह ग्रामीण रूटों पर ही निगम की बसों की आवाजाही हो रही है। शेष अन्य सभी ग्रामीण रूटों पर बसों की आवाजाही ठप होने से हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतें पेश आ रही हैं। परिवहन निगम की निचार, कल्पा, पांगी, बड़ा कंबा, सांगला और बरी रूट पर ही बसें चल रही हैं, जबकि जिले के 29 में से 23 ग्रामीण रूट ठप हैं। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह की ओर स्पीलो तक ही बसों को भेजा जा रहा है। 66केवी काशंग से पूह की ओर अब भी रिस्टोर नहीं हो पाई है, जिस कारण पूह ब्लॉक के 126 ट्रांसफार्मर अब भी बंद पड़े हैं, जबकि कल्पा ब्लॉक में भी दो ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। ऐसे में बिना बिजली के ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। आरएम रिकांगपिओ पियूष शर्मा ने बताया कि छह ग्रामीण रूटों पर ही निगम की बसों की आवाजाही हो रही है, जबकि अन्य सभी रूटों पर बस सेवाएं ठप हैं। लोक निर्माण विभाग और विद्युत बोर्ड व्यवस्था सुधारने में दिन-रात एक कर दिए हैं। युद्धस्तर पर सड़कों और बिजली की बहाली का कार्य चल रहा है। अधिक बर्फबारी के कारण बहाली कार्य में समय लग रहा है। विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण विद्युत लाइनाें को खासी क्षति पहुंची है। बोर्ड के कर्मचारी युद्धस्तर पर कार्य कर बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं।
कोट्स
बर्फबारी से अवरुद्ध सड़कों को बहाल किया जा रहा है। विभाग की मशीनें और 200 मजदूर सड़कों की बहाली के कार्य में जुटे हुए हैं।
राकेश श्याम, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग कल्पा