सांगला(किन्नौर)। भारी बरसात के कारण किन्नौर जिले के तीन स्थानों पर बाधित एनएच रविवार सुबह यातायात के लिए बहाल हो गया है। इससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए बाधित एनएच को बहाल करने में सफलता हासिल की है।
एनएच बहाली के साथ किन्नौर से शिमला और चंडीगढ़ की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। गौर हो कि भारी बरसात के चलते जिले के वांगतू में चट्टानें दरकने के कारण शुक्रवार देर शाम को एनएच पर वाहनों की रफ्तार थम गई थी। यहां वैकल्पिक व्यवस्था कर जेएसडब्ल्यू परियोजना की सड़क से वाहनों की आवाजाही हो रही थी। वहीं निगुलसरी और डेड सुंगरा के चील जंगल के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने के कारण एनएच यातायात के लिए अवरूद्ध हो गया था। इससे जिले के हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थी।
एनएच बाधित होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं थी। बाधित एनएच को बहाल करने के लिए एनएच प्राधिकरण ने आठ जेसीबी मशीनें और दर्जनों मजदूर तैनात किए थे। इसके बाद रविवार सुबह एनएच को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है।
इससे जिले के हजारों लोगों ने राहत मिली है। नेशनल हाईवे प्राधिकरण भावानगर के एसडीओ आनंद शर्मा ने बताया कि जिले के वांगतू के पास शनिवार शाम को जबकि निगुलसरी और डेड सुंगरा के पास बाधित सड़क को रविवार सुबह बहाल कर दिया गया है। सड़क बहाली के बाद अब एनएच पर वाहनों की आवाजाही हो रही है। परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी सुमन नेगी ने बताया कि एनएच बहाल होने के बाद काजा से रिकांगपिओ और शिमला की ओर एचआरटीसी के बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।