सुबह 5:00 बजे शुरू हुई वाहनों की आवाजाही, दोपहर 2:30 बजे फिर हुआ बाधित
मलिंग नाला में भी चार घंटे तक बाधित रहा एनएच, हजारों लोगों की झेलनी पड़ी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। बर्फबारी और बारिश के बाद जनजातीय जिला किन्नौर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के अधिकांश ग्रामीण सड़कें जहां बर्फबारी से बंद हैं, वहीं सीमा को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे पांच भी यातायात के लिए रोजाना बाधित हो रहा है। रविवार दोपहर से निगुलसरी में बाधित एनएच पांच पर सोमवार सुबह पांच बजे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लेकिन सोमवार दोपहर में एक बार फिर पहाड़ी से भूस्खलन होने के चलते एनएच पर वाहनों की आवाजाही थम गई। वहीं मलिंग नाला में भी भूस्खलन के कारण चार घंटे तक एनएच पांच पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध रही। इस वजह से हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर 2:00 बजे एनएच को यातायात के लिए बहाल किया गया। बीते कई वर्षों से जनजातीय जिला किन्नौर के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र निगुलसरी के सेक्टर 26 में फिर से भूस्खलन का सिलसिला जारी हो गया है। सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पांच में पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने का सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। एनएच प्राधिकरण समय-समय पर मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर रहा है लेकिन आए दिन हो रहे भूस्खलन के कारण यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों, सीमा पर तैनात आईटीबीपी सहित सेना के जवानों और पर्यटकों को खतरे के साये में सफर करना पड़ रहा है। सुरक्षा के लिहाज से भूस्खलन प्रभावित इस क्षेत्र में पुलिस और गृहरक्षक के जवान तैनात किए गए हैं, जो यहां पर हर स्थिति पर नजर बनाए रखे हैं। नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने कहा कि पहाड़ी से लगातार चट्टानें दरक रही है। बार-बार हो रहे भूस्खलन से मार्ग को बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। मार्ग को बहाल करने के लिए दो मशीनें तैनात की गई हैं। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।