17 किलोमीटर दूर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर विद्यार्थी, 15 वर्ष के बाद भी स्कूल में वाणिज्य विषय की कक्षाएं नहीं हो पाईं शुरू
ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निरमंड में वर्षों से अहम विषयों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इस वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। मजबूरी में कई छात्र कई किलोमीटर का सफर तय कर दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने को मजबूर हैं। इससे सरकार के घरद्वार बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। साथ ही क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य भी दांव पर लगा है। शिक्षक नहीं होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में रसायन विज्ञान का पद वर्ष 2018, आईपी का पद तीन साल, सहायक का पद चार साल और वरिष्ठ सहायक का पद पांच साल से खाली पड़ा है जबकि वर्तमान समय में स्कूल में छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक 310 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के पद खाली होने के कारण स्कूल से करीब 70 छात्रों ने दूसरे स्कूलों में दाखिला ले लिया है। वर्ष 2008 को स्कूल में वाणिज्य विषय की कक्षाएं शुरू करने के लिए भी सरकार ने अनुमति प्रदान की थी लेकिन सरकार स्कूल में वाणिज्य विषय के स्टाफ की आज तक नहीं पाई है। इसके कारण वाणिज्य विषय की कक्षाएं आज तक शुरू ही नहीं हो पाई है। मजबूरी में क्षेत्र में विद्यार्थियों को वाणिज्य की पढ़ाई करने के लिए दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधक समिति अध्यक्ष अज्ञा नंद, प्रदीप, तारा चंद, घनश्याम, उषा देवी और रीना सहित अन्य अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मजबूरी में विद्यार्थी 17 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बार-बार मांग के बाद भी सरकार और शिक्षा विभाग उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। स्कूल प्रधानाचार्य जग जीवन पाल शर्मा ने बताया कि शिक्षकों के पद समय से रिक्त चल रहे हैं। खाली पदों को भरने के लिए समय-समय पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार स्कूल में जल्द शिक्षकों के रिक्त पद भरेगी और वाणिज्य विषय की कक्षाएं भी शुरू करेगी।