मार्ग बनने से शिमला से काजा की दूरी 105 किलोमीटर हो जाएगी कम, लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
होमते से लेकर स्पीति मूद तक 94 किलोमीटर लंबी सड़क का होना है निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के भावावैली और स्पीति के लोगों का भावा-मूद सड़क के बनने का सपना आज भी अधूरा है। यहां के लोगों देश आजादी के बाद से ही इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की आपत्तियों के चलते सड़क का निर्माण स्पीति के मूद से आगे भावावैली की ओर नहीं हो पा रहा है। राज्य में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें सत्ता पर काबिज होती रहीं, लेकिन यहां के लोगों को सड़क के निर्माण के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं। गौरतलब है कि सड़क के बनने से शिमला से काजा की दूरी करीब 105 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं जिला किन्नौर की भावावैली मनाली और मसूरी की तर्ज पर पर्यटन के क्षेत्र में विकसित हो सकता है। किन्नौर के होमते से लेकर स्पीति के मूद तक करीब 94 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है। इसमें से करीब 44 किलोमीटर सड़क लोक निर्माण विभाग मंडल भावानगर के अधीन है। जबकि अन्य हिस्सा काजा मंडल के अंतर्गत आता है। काजा मंडल की ओर से अतरबो से मूद तक सड़क का निर्माण किया गया है, वहां से आगे भावावैली की तरफ मार्ग का निर्माण नहीं हो पा रहा है। लोक निर्माण विभाग भावानगर मंडल की माने तो सड़क के निर्माण में 25 आपत्तियां रोड़ा अटका रही है। इसमें सबसे बड़ी आपत्ति फॉरेस्ट कंजरवेटर ऑफ वाइल्ड लाइफ द्वारा संयुक्त विजिट करना और पीडब्ल्यूडी के साथ विभिन्न विभागों का संयुक्त निरीक्षण होना है। इसके अलावा अन्य आपत्तियों को भी दूरी करने के बाद ही मार्ग निर्माण का हो सकता है। सड़क के बनने से स्पीति के लोगों और पर्यटकों को शिमला से काजा पहुंचने के लिए कम समय लगेगा। वैसे भी भावावैली से स्पीति के मूद तक हर साल कई देसी और विदेशी पर्यटक पैदल ट्रैक पर जाते हैं। अगर सड़क का निर्माण जल्द किया जाता है, तो यह क्षेत्र पर्यटन हब के रूप में उभर सकता है। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। लोक निर्माण विभाग भावानगर मंडल के सहायक अभियंता प्रमोद नेगी ने कहा कि विभाग की ओर से सड़क के निर्माण में लगी सभी आपत्तियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ का साइट विजिट और ज्वाइंट इंस्पेक्शन मूसरंग से बर्फ हटते ही करवाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि सड़क का निर्माण जल्द किया जा सके।