बैराज के कारण हो रहा भूमि कटाव, भूस्खलन का सिलसिला नहीं थमा तो पलायन करने को मजबूर होंगे लोग
बास्पा नदी से खनन के कारण बढ़ रहा भूस्खलन, गांव के 50 से 60 ग्रामीणों की जमीन चपेट में आने का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जेएसडब्ल्यू कंपनी के बैराज से कुप्पा गांव पर खतरा मंडरा रहा है। हालत यह है कि अगर समय रहते भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए तो गांव के कुप्पा गांव के करीब 50 से 60 ग्रामीणों की जमीन भूस्खलन की चपेट में आ सकती है। इसका मुख्य कारण जेएसडब्ल्यू कंपनी के बैराज हैं। वहीं बास्पा नदी में अंधाधुंध रेत खनन के कारण ग्रामीणों की उपजाऊ भूमि का कटाव हो रहा है। यह सिलसिला हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। अगर भूस्खलन का सिलसिला नहीं थमा तो भविष्य में कुप्पा गांव के 100 घरों पर खतरा मंडरा सकता है। ऐसे में लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। लोगों की ज्वलंत समस्या को देखते हुए प्रभावित गांव ने कंपनी प्रबंधन से आरसीसी वॉल लगाकर भूमि का संरक्षण करने की मांग उठाई है। लोगों ने चेताया कि अगर प्रबंधन ने इस संबंध में जल्द उचित कदम नहीं उठाया तो कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। गौर हो कि हर वर्ष बरसात में कुप्पा गांव में बरसात के दौरान ग्रामीणों की भूमि का कटाव हो रहा है। इसमें सेब के पौधे और भूमि बह रही है। कुप्पा में कंपनी का बैराज बना है। इसके दोनों ओर कंकरीट की दीवार नहीं लगाने के कारण और बास्पा नदी से अनावश्यक एवं अत्यधिक रेत खनन से भूमि कटाव लगातार हो रहा है। इससे लोगों के बगीचे भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। भूमि कटाव हर साल बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर पंचायत की ओर से बार-बार प्रबंधन को आरसीसी वॉल लगाकर भूमि को बचाने की मांग उठाई गई है लेकिन कंपनी क्रेट वाॅल लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। यह दीवार हर वर्ष बरसात में ढह रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। पंचायत प्रधान कामरु इंदु लक्ष्मी नेगी, उपप्रधान विजेंद्र सिंह नेगी, शमशेर सिंह, रोहित नेगी, प्रदीप नेगी, राजकुमार, हेमंत सिंह, धर्म प्रकाश, दीपक, नीरज, ओंकार, विजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह, योगेंद्र, जगत, अविनाश, नरोतम, मुकेश, अमित और शिव कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जेएसडब्ल्यू कंपनी की मनमानी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। कुप्पा में डेम साइट के करीब 50 से 60 परिवारों की जमीन भूस्खलन की चपेट में है। सेब के बगीचे और जमीन भूस्खलन से प्रभावित हो रही है। अगर भूस्खलन का सिलसिला ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में कुप्पा गांव के 100 घरों पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से यहां पर आरसीसी वॉल लगाने की मांग उठाई है। अन्यथा ग्रामीण कंपनी के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कोट्स
लोगों की समस्या को देखते हुए पहले भी क्रेट वॉल लगाई गई थी। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर दोबारा से यहां पर क्रेट वॉल लगाई जाएगी।
कौशिक मौलिक, मुख्य प्रबंधक, जेएसडब्ल्यू कंपनी