43वीं वाहिनी मुख्यालय में पंचायत प्रधानों के लिए अभिनंदन समारोह का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। क्षेत्रीय मुख्यालय (शिमला) भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के अधीन आने वाली वाहिनियों के एओआर में आने वाले जिला लाहौल-स्पीति एवं किन्नौर के जीवंत गांवों के प्रधान और उनके परिवार को गणतंत्र दिवस परेड समारोह में शामिल हुए। बतौर राजकीय अतिथि शामिल होने के बाद जीवंत गांवों वापस जाते समय सभी लोगों के लिए 43वीं वाहिनी मुख्यालय में आभार एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। चंदन सिंह भंडारी, सेनानी, 43वीं वाहिनी के द्वारा सर्वप्रथम गंणतंत्र परेड में शामिल हुए जीवंत गांवों के अतिथियों का कुशलक्षेम पूछते हुए उनसे 26 जनवरी परेड में बतौर अतिथि शामिल होने पर अनुभवों को हिमवीरों से साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अनुभव उन्हें जीवन में पहली बार प्राप्त हुआ है। साथ ही दुर्गम गांवों से कर्तव्य पथ तक ले जाने में आईटीबीपी ने जो आत्मीय सहयोग और बंधुत्व की भावना का परिचय दिया है। इसके लिए उन्होंने आईटीबीपी का आभार जताया है। किन्नौर के जीवंत गांव लाबरंग प्रधान अनुराधा नेगी ने कहा कि गंणतंत्र दिवस समारोह उनके जीवन के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक है। कर्तव्य पथ पर जब उन्हें अर्थात जीवंत गांवों से आए मेहमानों को भारत सरकार द्वारा हमारे विशेष अतिथि के नाम से संबोधन किया तो यह पल उनके एवं समस्त जीवंत गांवों से आए अतिथियों के लिए अविश्वनीय एवं रोंगटे खड़े कर देने वाला पल था। जिला लाहौल-स्पीति के डेमुल गांव के उपप्रधान यीशे ने बताया कि गणतंत्र परेड को कर्तव्य पथ पर पहली पंक्ति में लाइव देखना उनके जीवन के यादगार पलों में रहेगा। किन्नौर के हांगों, सुमरा और स्पीति के लोसर गांव के प्रधानों ने भी आईटीबीपी का आभार जताते हुए इस तरह के सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। चंदन सिंह भंडारी ने कहा कि वाइब्रेंट गांवों में आईटीबीपी द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत चिकित्सा एवं वैटरनरी के शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही युवाओं के लिए शैक्षणिक संबंधी वोकेशनल कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। इन क्रियाकलापों को समय-समय पर आयोजित करने में आईटीबीपी वचनबद्ध है।