तीन पंचायतों के हजारों लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानियां, उपचार के लिए 32 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर लोग
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विभाग से रिक्त पद भरने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम क्षेत्रों के हजारों लोगों का स्वास्थ्य रामभरोसे चल रहा है। इससे जमीनी स्तर पर सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पूह खंड के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरंग में बीते पांच माह से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में उपचार के लिए तीन पंचायतों के हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरंग से ग्राम पंचायत मूरंग, ठंगी और कुन्नौ चारंग पंचायत के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। यहां तहसील कार्यालय होने के कारण करीब 2,100 की आबादी रहती है। इसके बावजूद पांच माह से पीएचसी मूरंग में चिकित्सक का पद खाली चल रहा है। इससे स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी लोगों को मूरंग से 32 किलोमीटर दूर क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ जाना पड़ रहा है। प्रधान मूरंग पंचायत अनूप नेगी, महेंद्र नेगी, केश कुमार नेगी, जगवीर सिंह नेगी, मनोज नेगी, सोमनाथ नेगी और योगिंद्र सिंह नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी मूरंग में अगस्त से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द चिकित्सक की तैनाती की मांग उठाई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने कहा कि जिले भर में चिकित्सकों की कमी चल रही है। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक को भेजा जा रहा है। सरकार को समय- समय पर रिक्त पदों को लेकर पत्राचार किया जाता है। उम्मीद है कि सरकार जल्द रिक्त पदों को भरेगी।