रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बड़े पैमाने पर दूसरों के दस्तावेजों पर सिम बेचने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं किन्नौर चीन-तिब्बत सीमा से सटे होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में दूसरे के दस्तावेजों पर सिम बेचने से राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा हो सकता है। जिला पुलिस ने इस मामले में पांच पुलिस थानों में छह एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिले के रिकांगपिओ, सांगला, टापरी, भावानगर और पूह थाना के तहत फर्जी दस्तावेजों पर 500 से अधिक सिम बेची गई हैं, जो अलग-अलग कंपनियों की हैं। दुकानों में कार्य कर रहे एजेंटों द्वारा एक ही फोटो पर अलग-अलग आईडी लगाकर विभिन्न कंपनियों की सैकड़ों सिम बेचने बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर किन्नौर पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। वही केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (डीआइयू) की ओर से हिमाचल पुलिस को एक रिपोर्ट भी भेजी गई है। इसके आधार पर फर्जीवाड़ा करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले से जिला की सुरक्षा एजेंसियों भी सतर्क हो गई हैं।
जिले में फर्जी दस्तावेजों से सिम खरीदने के मामले में पांच पुलिस थानों में दुकानदारों और एजेंट के खिलाफ छह केस दर्ज किए गए हैं। जिले में फर्जी आईकार्ड के तहत 500 से अधिक फर्जी सिम बेची गई हैं। इसको लेकर जांच जारी है।
विवेक चहल, पुलिस अधीक्षक किन्नौर