हिमखंड गिरने से दो माह से खेतों में गिरे हैं केबल के तार,खेतीबाड़ी करने में पेश आ रहीं परेशानियां
लोगों ने कहा- बार-बार शिकायत के बाद भी आज तक नहीं हुआ समस्या का हल
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। भारत-तिब्बत सीमा से सटे छितकुल गांव में सर्दियों में हिमखंड गिरने से बीएसएनएल के तार टूटकर लोगों के खेतों में गिरे हैं। हैरानी इस बात की है कि दो महीने का समय बीतने के बाद भी अभी तक बीएसएनएल ने इन तारों को नहीं हटाया है। इस वजह से किसानों को अपनी खेतीबाड़ी से संबंधित कार्याें को निपटाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।स्थानीय लोगाें का कहना है कि इस बारे में छितकुल के ग्रामीणों ने कई बार बीएसएनएल के अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन आज तक इन तारों को नहीं हटाया गया है। इससे उनके लिए फसलों की बुआई से लेकर अन्य कार्यों को पूरा करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि छितकुल गांव में एक साल में एक बार फसलों की बिजाई की जाती हैं, लेकिन दो माह के बाद भी बीएसएनएल के तार न हटाने से उन्हें भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। अगर तारों को समय से नहीं हटाया गया तो उनके आने वाले दिनों में इसका खामियाजा आर्थिक नुकसान उठाकर झेलना पड़ेगा। छितकुल गांव के किसान जगमोहन नेगी, केहर सिंह, भागरतन, भाग सिंह, विद्या भूषण और रजनीश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में केबल के तार दो महीनों से पड़े हैं। अब अप्रैल में खेतीबाड़ी का काम शुरू हो चुका है, लेकिन खेतों में ताार गिरने से वह परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बीएसएनएन के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त कर दिया है लेकिन खेतों से तारों को नहीं हटाया है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएनल के अधिकारियों को बार-बार शिकायत भी की जा रही है लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इसलिए मजबूरी में उन्हें प्रशासन से गुहार लगानी पड़ रही है। उन्होंने उपायुक्त किन्नौर और बीएसएनएल के उच्च अधिकारियों से मांग की कि दो दिन में केबल की लाइनों को हटाया जाए।
कोट्स
एक-दो दिनों में खेतों में पड़े केबल के तारों को हर हाल में उठा दिया जाएगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आगे से केबल के तार टूटने पर समय पर हटाए जाएंगे।
अग्रसेन नेगी, सहायक अभियंता, बीएसएनएल रिकांगपिओ