अभी तक जिले से 56,514,05 मीट्रिक टन सेब बाजार में पहुंचा, दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ में रहती है अधिक मांग
11 मंडियों में 9,720 वाहनों के माध्यम से बिक्री के लिए पहुंची सेब की फसल
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर का सेब मिठास और रसीलेपन के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि देशभर की मंडियों में इसकी मांग दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसी कारण से उद्यान विभाग जिला किन्नौर चौरा में बैरियर लगाकर विभिन्न सेब की मंडियों का पूरा ब्योरा रखता है। अभी तक 22,17, 797 सेब की पेटियां 9,720 वाहनों के माध्यम से देश की विभिन्न मंडियों में भेजी जा चुकी है। उद्यान विभाग किन्नौर से मिली जानकारी के अनुसार रतनपुर सेब मंडी में अभी तक 25,176 सेब की पेटियों को 408 गाड़ियों के माध्यम से पहुंचाया गया है। शिमला सेब की मंडी में 41,398 सेब की पेटियों को 272 वाहनों से पहुंचाया गया। सोलन सेब की मंडी में 284 वाहनों के माध्यम से 59,644 सेब की पेटियां पहुंची है। चंडीगढ़ सेब की मंडी में 2,108 वाहनों से 5,24,368 सेब की पेटियां और दिल्ली सेब की मंडी में 1,853 गाड़ियों के माध्यम से 7,48,172 सेब की पेटियां पहुंचाई जा चुकी हैं। मुंबई सेब की मंडी में 730 गाड़ियों के माध्यम से 2,78,688 सेब की पेटियां, बिथल सेब की मंडी में 2,113 गाड़ी के माध्यम से 1,36,910 सेब की पेटियां, सैंज और खेगसू में 309 वाहनोंं के माध्यम से 20,651 सेब की पेटियां, मतियाना सेब मंडी में 487 वाहनों से 36,583 सेब की पेटियां पहुंचाई जा चुकी है। परवाणू सेब मंडी में 430 गाड़ियों के माध्यम से 1,16097 सेब की पेटियां और नारकंडा सेब की मंडी में 536 गाड़ियों के माध्यम से 72,974 सेब की पेटियां बिक्री के लिए पहुंचाई गई हैं। किन्नौर के सेब की मांग सबसे पहले दिल्ली, चंडीगढ़ और तीसरे नंबर पर मुंबई की मंडियों में रहती है।
कोट्स
अभी तक 60 प्रतिशत सेब किन्नौर से बाहरी मंडियों में भेजा गया है। चांगो से 59 हजार सेब की पेटियां वाया काजा मंडियों में भेजी गई है। किन्नौर से अभी तक 56,514,05 मीट्रिक टन सेब भारत की विभिन्न मंडियों में पहुचाया जा चुका है।
डॉ. प्रमोद शाह, उपनिदेशक उद्यान विभाग किन्नौर