फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: ..तू बरमा न जाए विरसुए.. गीत पर मशालें लेकर थिरके लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहड़ू। क्षेत्र में पारंपरिक जागरा महोत्सव का दौर आरंभ हो गया है। सोमवार रात क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर देवता महासू, देवता पवासी और देवता गुडारू के मंदिरों में जागरा महोत्सव मनाया गया। इसके लिए गांव-गांव में देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने हाथों में जलती हुई मशाल लेकर देवता के अभिनंदन में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर रातभर नृत्य किया।
विज्ञापन



शराचली क्षेत्र के ढाडी घुंसा ग्राम में मंगलवार को 19 सितंबर को देवता देशमौलिया के मंदिर में जागरा उत्सव आयोजित होगा। जागरा महोत्सव हर वर्ष गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले आरंभ होता है। रोहड़ू, चिड़गांव, नावर और जुब्बल क्षेत्र के अधिकांश गांव में जागरा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। हर गांव में अपने-अपने कुल देवता की विशेष पूजा अर्चना की।

मान्यता के अनुसार जागरे का आयोजन रात को ही किया जाता है। सोमवार रात जुब्बल तहसील के भोलाड़ गांव में भी देवता महाराज पवासी का जागरा उत्सव आयोजित हुआ। इसमें अपने कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने और गांव में सुख-समृद्धि लाने के लिए ग्रामीण रातभर पारंपरिक गाने ..तू बरमा न जाए विरसुए.. की धुनों पर हाथ में जलती हुई मशालें लिए नृत्य करते रहे। यह पारंपरिक गीत देवता की स्वीकृति मिलने के बाद विशेष रूप से जागरा महोत्सव में ही गाया जाता है।
विज्ञापन


देवता महासू के गुर हरीश हंसरेटा ने बताया कि जागरा उत्सव सदियों से मनाया जा रहा है। यह परंपरा आज भी बरकरार है। हर गांव के लोग अपने कुल देवता के अभिनंदन में जागरा महोत्सव मनाते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार रात पवासी देवता, महासू देवता और गुडारू देवता के मंदिरों में जागरा उत्सव मनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें