तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। भारी बारिश के कारण विभिन्न विभागों के साथ-साथ परिवहन निगम को भी लाखों रुपये की चपत लगी है। शनिवार से शुरू हुई भारी बारिश से निगम का रामपुर डिपो अभी तक उभर नहीं पाया है। पहले रामपुर डिपो जहां हर रोज 10 लाख रुपये की कमाई कर रहा था, वहीं वर्तमान समय में यह कमाई आधे से भी कम हो गई है। रविवार से लेकर बुधवार तक निगम की कमाई दो लाख रुपये भी नहीं छू पाई थी।
वहीं एचआरटीसी के रूट बंद होने से रामपुर, आनी और कुमारसैन उपमंडल के हजारों लोगों की दुश्वारियां अभी भी कम नहीं हुई हैं। तीनों उपमंडलों में परिवहन निगम की 32 बसें सड़कें बाधित होने के कारण फंसी हुई हैं। इस कारण हजारों लोगों को आवाजाही में खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। शुक्रवार को रामपुर डिपो के 39 रूट प्रभावित रहे। रविवार से लेकर बुधवार तक परिवहन निगम के रामपुर डिपो को सात से आठ लाख रुपये का रोजाना नुकसान झेलना पड़ा। वहीं इन चार दिनों में एचआरटीसी एक से डेढ़ लाख रुपये तक की ही कमाई कर पाया।
वीरवार से एचआरटीसी की सेवाएं पटरी पर लौटना तो शुरू हो गई हैं, लेकिन कमाई की करें तो यह अब भी साढ़े चार लाख तक सिमट कर रह गई है। रामपुर, कुमारसैन, ननखड़ी, निरमंड और आनी की दर्जनों ग्रामीण सड़कें अब भी यातायात के लिए अवरूद्ध हैं। इससे हजारों लोगों को परिवहन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। हालांकि एचआरटीसी के लंबे रूटों पर बस सेवाएं शुरू हो गई हैं। कोरोना काल से बंद चल रही रामपुर-हमीरपुर नॉन स्टॉप और सराहन-चंडीगढ़ बस सेवाएं भी अब शुरू हो गई हैं, जबकि कुल्लू और मंडी के लिए रामपुर से चलने वाली बस सेवाएं अब भी बंद हैं।
आने वाले दिनों में जैसे ही सड़कों की स्थिति सुधरेगी, वैसे ही परिवहन निगम की बस सेवाओं का भी लोगों को लाभ मिलेगा। परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि शुक्रवार को डिपो के 39 रूट प्रभावित रहे, जबकि 32 रूटों पर अभी भी बसें फंसी हुई हैं। वीरवार से रामपुर डिपो की कमाई आधे तक पहुंच गई है, जबकि शुरू के चार दिन निगम को रोजाना सात से आठ लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।