150 जवानों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट हुआ खड़ा, पुलिस थानों, चौकियों, मंदिरों और अस्पतालों में दे रहे हैं सेवाएं
चेताया, जल्द वेतन मुहैया नहीं करवाया तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में सेवाएं दे रहे गृहरक्षक वेतन के लिए तरस रहे हैं। जिले में सेवाएं दे रहे करीब 150 जवानों को बीते चार माह से वेतन नहीं नहीं मिला है। ऐसे में जवानों को अपने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। जवानों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि किन्नौर जिले के चौरा से लेकर सुमरा तक मंदिरों, चौकियों, पुलिस थानों, ट्रैफिक ड्यूटी और अस्पतालों में गृहरक्षक सेवाएं दे रहे हैं। इतना महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद बीते चार माह से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में जवानों को महंगाई के दौर में आर्थिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, कल्पा मंडल अध्यक्ष बीरबल लोक्ट्स, मंडल अध्यक्ष निचार मदन नेगी, मंडल अध्यक्ष पूह सुभाष छोरगिया, जिला महामंत्री चंद्रपाल नेगी और देवा चारस नेगी ने कहा कि जवानों को वेतन न मिलना चिंता का विषय है। महंगाई के दौर में बिना वेतन के जवान कैसे परिवार का पालन-पोषण करेंगे। वहीं, एसटी मोर्चा प्रदेश प्रभारी सूरत नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार जवानों को वेतन तक नहीं दे पा रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर जवानों को जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। एसपी किन्नौर विवेक चहल ने बताया कि बजट के अभाव के चलते जवानों को वेतन नहीं मिल पाया है। बजट मिलते ही जवानों को वेतन जारी कर दिया जाएगा।