रामपुर बुशहर। एक अक्तूबर को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय पेंशन शंखनाद रैली में रामपुर के कर्मचारी भी बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। हिमाचल प्रदेश के एनपीएस कर्मचारियों का 10,000 करोड़ रुपये एनएसडीएल के पास लंबित है। इस पैसे को विभिन्न मदों के माध्यम से कॉरपोरेट सेक्टर ने शेयर मार्केट में लगा रखा है।
कर्मचारियों की मांग की है कि उस पैसे को तुरंत प्रभाव से कर्मचारियों को ब्याज सहित लौटाया जाए। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को चेताया है कि अगर ऐसा नहीं किया तो 2024 के लोकचुनाव में इसके प्रतिकूल परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सोमवार को एनपीएस कर्मचारी महासंघ की गेट मीटिंग के दौरान एनपीएस कर्मचारी महासंघ जिला शिमला अध्यक्ष एवं अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राज्य मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
कर्मचारियों ने इस दौरान कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। कुशाल शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। समय रहते हिमाचल प्रदेश के एनपीएस कर्मचारियों को उनके अपने पैसे लौटा दिए जाएं, अन्यथा कर्मचारी लोकसभा चुनाव 2024 में उनके खिलाफ चलने के लिए मजबूर होंगे।
इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी। वहीं बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की पेंशन को भी बोर्ड प्रबंधन शीघ्र बहाल करवाए, अन्यथा प्रबंधन के खिलाफ भी मोर्चा खोला जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पहले ही सभी को पुरानी पेंशन देने की सभी विभागों को अधिसूचना जारी कर चुकी हैं, लेकिन बिजली बोर्ड प्रबंधन की मनमानी समझ से परे है।
बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी यह लाभ पिछली तिथि से जारी होना चाहिए। इस मौके पर प्रेम चौहान, रेखा चौहान, राजेश लारजू, रजनी, जोबन दास चौहान, हेमराज वर्मा, इंदु, सीमा, भुवनेश्वरी, रक्षा, रमेश, जोगिंद्र चौहान, अशोक मेहता, कनक हस्टा, स्नेह लता, सुरेंद्र कायथ, धनसुख, यशपाल, संगीता, प्रेमलता और बृजमोहन शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।