प्रतिबंधित दवाइयों के इस्तेमाल से क्षेत्र के युवाओं की मौत के मामले सामने आने के बाद औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दवा विक्रेताओं को बिना पर्ची और आधार कार्ड सिरिंज न बेचने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ऊपरी हिमाचल में अब युवाओं की नसों में चिट्टे के अलावा घातक दवाओं का केमिकल भी समा रहा है। क्षेत्र के युवा अब गंभीर मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं, जो उनके लिए घातक साबित हो रहा है। बीते दिनों इन दवाओं के सेवन से कुछ युवाओं की मौत होने के मामले सामने आए हैं। इसके बाद औषधि विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर दबिश दी है। इसके अलावा रामपुर और आसपास के केमिस्ट की दुकानों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान दवाइयों का रिकॉर्ड भी खंगाला है। डीआई की छापेमारी से दवा विक्रेताओं में दिनभर हड़कंप मच गया। ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा विक्रेताओं को दवाइयों का उचित रिकॉर्ड रखने और बिना पर्ची और आधारकार्ड एक और दो एमएल की सिरिंज न बेचने की हिदायत दी है। गौर हो कि नशे में संलिप्त लोगों ने अब चिट्टे का विकल्प दवाओं में खोज लिया है, लेकिन इन दवाओं का सेवन उन्हें मौत के मुंह में धकेल रहा है। इन दवाइयों का सिरिंज के जरिये इन दवाओं को अपनी नसों में पहुंचा रहे हैं, जिससे यह घातक साबित हो रही हैं। हैरानी की बात है कि इन दवाओं की खेप अवैध रूप से ऊपरी हिमाचल में पहुंच रही है। बीते तीन से चार माह की बात करें तो रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन दवाओं के सेवन से कुछ युवा अकाल मौत के मुंह में समा गए हैं। बीते दिनों भी क्षेत्र में इन दवाओं के इस्तेमाल से तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद औषधि विभाग ने इन दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड को खंगाला है। औषधि नियंत्रक की अगुवाई में पुलिस दल ने क्षेत्र के विभिन्न संभावित स्थानों और घरों में दबिश भी दी, लेकिन कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। हालांकि कुछ संभावित व्यक्ति घरों में नहीं मिले। इसके बाद बुधवार को औषधि नियंत्रक ने रामपुर शहर, खनेरी अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों के दवा विक्रेताओं की दुकानों पर छापामारी की। इस दौरान दवा दुकानों का रिकॉर्ड खंगाला गया और दवाओं की जांच भी की गई। हालांकि औषधि नियंत्रक नियमों की अवहेलना करने का कोई मामला नहीं मिला है। औषधि नियंत्रक ने दवा विक्रेताओं को इन दवाओं को बेचने संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर विद्या सेन नेगी ने बताया कि क्षेत्र में चिट्टे का विकल्प बनी दवाओं से युवाओं की मौत होने के मामलों के बाद इन दवाओं से संबंधित छापेमारी की गई। पुलिस की मौजूदगी में संभावित स्थानों और घरों में छापेमारी की गई, लेकिन कहीं कोई अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। रामपुर शहर में भी दवा विक्रेताओं का रिकॉर्ड खंगाला गया है, जो सही पाया गया है। उन्होंने बताया कि बिना पर्ची और आधार कार्ड के एक और दो एमएल की सिरिंज बेचने के लिए दवा विक्रेताओं को मनाही की गई है। आगामी समय में भी इस तरह की छापेमारी की जाएगी।
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