रामपुर बुशहर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने मंगलवार को चिट्टे के साथ पकड़े गए पांच आरोपियों पर दोष साबित होने पर दो वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक दोषी को 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने अहम फैसला सुनाते दोषी कैलाश चंद (36) निवासी कोटी (गौरा), प्रदीप कुमार (29), निवासी त्यावल (ज्यूरी), हेमंत कुमार (35), निवासी गौरा, धर्मपाल (24), निवासी झाकड़ी और अमित कुमार (24), निवासी त्यावल ज्यूरी को दो साल के सशक्त कारावास की सजा सुनाई है। फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक 28 अगस्त 2019 की शाम समय करीब 6:15 बजे पुलिस शौघा नाला (ब्रौ) में गश्त कर रही थी।
इस दौरान एक गाड़ी वजीर बावड़ी की तरफ से आई, जिसे पुलिस ने रोका। इस गाड़ी में पांच लोग सवार थे। पुलिस पूछताछ के दौरान सभी घबरा गए, जिससे पुलिस को अवैध वस्तु होने का शक हुआ। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसके डैशबोर्ड में रखे प्लास्टिक के लिफाफे से 21 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस थाना ब्रौ में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमें की तफ्तीश एएसआई ज्ञान चंद ने अमल में लाई।
तफ्तीश मुकम्मल होने के बाद चालान सेशन जज किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत में पेश किया गया। यहां पर कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी को चिट्टा रखने और बेचने का दोषी पाया। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।