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Rampur Bushahar News: चिट्टे के मामले में दो दोषियों को एक साल का कारावास

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
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20,000 रुपये जुर्माना भी लगाा, वर्ष 2022 में कोर्ट कांप्लेक्स के पास दबोचे थे दोनों दोषी

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। चिट्टा तस्करी के मामले में अदालत ने दो दोषियों को एक साल के कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को यह अहम फैसला सुनाया। इसमें अनिल कुमार, पुत्र स्व. नंदलाल, निवासी पदमनगर, रामपुर और संजीव कुमार, पुत्र शेरु, निवासी चुहाबाग, रामपुर, जिला शिमला को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया है। फैसले की जानकारी देते हुए जिला उपन्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक 11 मार्च 2022 को जब पुलिस पार्टी गश्त पर रामपुर बाजार और पिप्टी की ओर रवाना थी। करीब 2:30 रात में रामपुर कोर्ट कांप्लेक्स के पास से दो लोग ऊपर की ओर आ रहे थे, जो पुलिस को देखकर वापस ब्रौ की ओर भागने लगे। भागते-भागते उनमें से एक आदमी ने जेब से प्लास्टिक की पुड़िया निकाल कर सड़क के किनारे नाली में फेंक दी। पुलिस पार्टी ने दोनों को भागकर काबू किया और उनके नाम, पता और भागने का कारण पूछा। इस पर दोनों घबरा गए। पुलिस ने फेंकी गई पुड़िया को उठाकर तलाश किया तो उसमें 6.48 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस थाना रामपुर में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 21, 29 के तहत केस दर्ज किया गया। मुकदमे की तफ्तीश एएसआई लालचंद ने अमल में लाई। तफ्तीश मुकमल होने पर चालान को जिला एवं सत्र न्यायालय रामपुर में पेश किया गया। यहां पर कुल नौ गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों व्यक्तियों को चिट्टा रखने व बेचने का दोषी पाया। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी जिला उपन्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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