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Rampur Bushahar News: रामपुर में 1,300 उपभोक्ताओं ने नहीं जमा करवाया कूड़ा शुल्क

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रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना चलाई गई है, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में कस्बावासी सहयोग नहीं कर रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि नगर परिषद क्षेत्र के रह रहे करीब चालीस फीसदी लोगों ने कई माह से कचरा शुल्क की राशि जमा नहीं करवाई है। समय पर कूड़ा शुल्क जमा न होने से नगर परिषद को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पउ़ रहा है। इन 13 सौ उपभोक्ताओं में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही दुकानदार, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसको देखते हुए अब नगर परिषद ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के चालान भी काटे जाएंगे।
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गौर हो कि चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर नगर परिषद के अधीन आता है। नगर परिषद के नौ वार्डों में योजनाबद्ध तरीके से घरद्वार से कूड़ा उठाया जा रहा है। योजना से नगर परिषद के वार्ड पिप्टी मोहल्ला, पदम नगर, रघुनाथ मोहल्ला, सत्यनारायण मोहल्ला, महावीर मोहल्ला, अखाड़ा मोहल्ला, डकोलढ़ और खनेरी वार्ड के 3,281 घर, सेंटर और विभिन्न व्यावसायिक संस्थान योजना से जुड़े हैं। नगर परिषद की ओर से कचरा प्रबंधन के लिए घरों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 50 रुपये से लेकर 2,500 रुपये तक प्रतिमाह शुल्क लिया जाता है, लेकिन कचरा प्रबंधन की सुविधा मिलने के बाद भी करीब 1,300 से अधिक घरेलू और व्यासायिक संस्थानों से पिछले तीन महीनों से कूड़ा शुल्क जमा नहीं करवाया है। इस वजह से नगर परिषद को सफाई व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि पूरी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर परिषद को कर्मचारियों के वेतन से लेकर वाहनों का खर्च भी वहन करना पड़ता है।

इसको देखते हुए नगर परिषद ने कूड़ा शुल्क जमा न करवाने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही नप ने चेताया है कि अगर समय रहते उपभोक्ताओं ने शुल्क जमा नहीं करवाते हैं तो नियमानुसार इनके चालान काटे जाएंगे। यही नहीं यदि फिर भी उपभोक्ता शुल्क जमा नहीं करवाते हैं तो नियमों के उल्लंघन पर नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016, हिमाचल प्रदेश परिषद, नगर पंचायत अधिनियम 1994 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत उनके खिलाफ मुकदमा भी चलाया जा सकता है।
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नगर परिषद के 40 प्रतिशत घरों और व्यावसायिक संस्थानों ने कूड़ा शुल्क जमा नहीं करवाया है। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि समय पर शुल्क जमा नहीं किया तो इनके चालान भी काटे जाएंगे।
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डॉ. वरुण शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद रामपुर
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