रामपुर बुशहर। बीते चुनावों की तरह इस बार भी रामपुर नगर परिषद चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली रामपुर नगर परिषद में भाजपा को हर बार इक्का-दुक्का पार्षद ही नसीब हो पाते हैं। 10 जनवरी को हुए नगर परिषद रामपुर के मतदान के बाद फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस का किला भेदना भाजपा के लिए आसान नहीं है। महिला पद के लिए आरक्षित नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी किसके हाथ लगती है, यह देखना रोचक होगा।
नगर परिषद रामपुर के चुनाव भले ही संपन्न हो गए हों, लेकिन राजनीतिक सुगबुगाहट अभी भी बरकरार है। नप चुनाव को लेकर रविवार शाम को मतदान के बाद स्थिति साफ हो गई कि इस बार भी नगर परिषद में कांग्रेस का वर्चस्व कायम रहेगा। 9 वार्डों से कांग्रेस समर्थित सात पार्षद सीधे चुनकर नगर परिषद पहुंचे हैं। वहीं, भाजपा को सबसे कम एक ही पार्षद से संतुष्टि करनी होगी। 9 में से पांच वार्डों में पार्षद पुरुष, जबकि चार वार्डों में महिला पार्षद नगर परिषद की नई टीम में शामिल हुई हैं। वार्ड 3 से प्रीति कश्यप, वार्ड 4 से स्वाति बंसल, वार्ड 6 से कांता देवी और वार्ड 9 से मुस्कान जीत दर्ज कर चुकी हैं। अब महिला पद के लिए आरक्षित नगर परिषद के अध्यक्ष की कुर्सी इन्हीं महिलाओं में से किसी एक को मिलेगी। हालांकि, नप अध्यक्ष की कुर्सी के लिए गठजोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। जिसमें वार्ड नंबर तीन से प्रीति कश्यप और वार्ड नंबर 9 से मुस्कान दोनो में से किसी एक को अध्यक्ष पद की कमान मिल सकती है। वहीं, कांग्रेस समर्थित दो पार्षदों में से किसी एक का अध्यक्ष बनना तय है। नप में चुनकर आए पार्षद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए अपना समर्थन देंगे। बहुमत दर्ज करवाने वाले पार्षद को अध्यक्ष का ताज मिलेगा।
नए चेहरों से सजेगी नगर परिषद
नगर परिषद रामपुर में इस बार वार्ड नंबर 2 को छोड़कर सभी वार्डों से नए पार्षद चुनकर पहुंचे हैं। ऐसे में नगर परिषद में सामंजस्य स्थापित करना भी कड़ी चुनौती रहेगी। वार्ड 1 से प्रदीप कुमार, 3 से प्रीति कश्यप, 4 से स्वाति बंसल, 5 से रोहिताश्व मेहता, 6 से कांता देवी, 7 से अरुण कुमार, 8 से अश्वनी नेगी और वार्ड 9 से मुस्कान जीत कर आए हैं, जो सभी नए चेहरे हैं। नप क्षेत्र के विकास और योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर भी इन नए पार्षदों पर काफी जिम्मेदारी रहेगी।