रामपुर बुशहर। राजकीय महाविद्यालय रामपुर में एआई के लाभ, चुनौतियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी टूल्स पर चर्चा की गई। सोमवार को लीडिंग द फ्यूचर: इनोवेशन एंड एक्सीलेंस इन एकेडेमिया विषय पर एक साप्ताहिक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. शिवाली ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में प्राचार्य एवं मुख्य संरक्षक डॉ. पंकज बासोतिया, मुख्य वक्ता प्रो. मनु सूद, वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. टीडी वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. अनुराधा कनैन और डॉ. आशा गर्ग मौजूद रहे। स्वागत भाषण और कार्यक्रम का अवलोकन आयोजन सचिव डॉ. अनुराधा कनैन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह एफडीपी शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा, शोध कौशल, नेतृत्व क्षमता और नवाचार युक्त शिक्षण पद्धतियों में दक्ष बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। उद्घाटन सत्र में क्लस्टर के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों डॉ. पीपी चौहान, डॉ. उत्तम चंद, डॉ. नरेंद्र पाल, डॉ. राजन देवी नेगी और डॉ. भूषण आजाद विशेष रूप से मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. पंकज बासोतिया ने कहा कि शिक्षा का भविष्य तेजी से बदल रहा है और ऐसे समय में शिक्षकों के लिए सीखते रहना और आधुनिक तकनीकों को अपनाना अपरिहार्य है। मुख्य वक्ता प्रो. मनु सूद ने डिजिटल टूल्स और एआई इन एजुकेशन विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने मॉडल के माध्यम से डिजिटल शिक्षा की बदलती संरचना को समझाया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षकों का प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम, प्रभावी और रचनात्मक बनाने वाला उपकरण है।