लोगों का आरोप, कई बार शिकायत करने पर भी भेजी जा रही खटारा बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल के ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की बसों की खराब स्थिति से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गम क्षेत्रों में बसें बार-बार रास्ते में खराब हो रही हैं। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। सोमवार को रामपुर से छलाण जाने वाली बस शरण के समीप खराब हो गई। इससे यात्रियों को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार छलाण रूट की बस अक्सर रास्ते में खराब हो जाती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों को सबसे अधिक परेशानी होती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह समस्या और गंभीर बन जाती है। निगम की बसों की इस स्थिति से यात्रियों में भारी रोष है। कई बार शिकायत करने के बावजूद खटारा बसों को बदलने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
देव रथ गौतम, शिव दत्त शर्मा, चंद्र शर्मा और अजय शर्मा ने बताया कि शिमला से देलठ के लिए पहले चलाई जा रही बस सेवा भी बंद कर दी गई है। इससे परिवहन व्यवस्था और खराब हो गई है। छलाण रूट की बस हमेशा खचाखच भरी रहती है, लेकिन न तो अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं और न ही खराब बस को बदलने की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस रूट पर नई और बेहतर बस सेवा शुरू की जाए और अतिरिक्त बसें चलाई जाएं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बस सेवा में सुधार नहीं किया गया तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।