रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिले में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की निगरानी और उन्हें सही तौर पर जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने के लिए 17वीं मंडी लोकसभा के सदस्य रामस्वरूप शर्मा की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन बीते छह माह में कमेटी की एक भी बैठक नहीं हो पाई है।
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने इस कमेटी पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए इस कमेटी को बंद करने का सुझाव दिया है। नेगी ने कहा कि 17वीं लोकसभा गठित हुए आधा वर्ष बीत चुका है, लेकिन जिले में अभी तक एक भी बैठक नहीं हो पाई है। इस कमेटी की ओर से वर्ष भर में चार बैठकें आयोजित करना अनिवार्य है। ऐसे में जिले इस हाई पावर कमेटी का दायित्व यह है कि भारत सरकार की ओर से संचालित 41 विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी करना है, लेकिन कमेटी की एक भी बैठक न होना सरकार की नाकामी को साफ दर्शा रहा है। कमेटी का गठन मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना, डिजिटल भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना, सर्वशिक्षा अभियान, मिड डे मील योजना, दीन दयाल अंतोदय, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाना रहता है। कमेटी में उपायुक्त किन्नौर सदस्य सचिव, विधायक जगत सिंह नेगी, जिप अध्यक्ष, एडीएम कम डायरेक्टर प्रोजेक्ट, डायरेक्टर प्रोजेक्ट एकत्रित जनजाति विकास परियोजना एवं मुख्य कार्यकारी, अधिकारी जिला परिषद, प्रोजेक्ट ऑफिसर, डीआरडीए, पंस अध्यक्ष कल्पा, निचार और पूह के अध्यक्ष, लीड बैंक और डाक विभाग के अधिकारियों सहित अन्य शामिल हैं। पंचायत समिति कल्पा अध्यक्ष सीमा नेगी, रक्षम पंचायत उप प्रधान राज कुमार नेगी, सरोज नेगी सहित अन्य लोगों ने भाजपा पर किन्नौर के विकास की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
उधर, सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि अभी वे दिल्ली में चल रहे संसद के सत्र में हैं। अप्रैल माह में दिशा कमेटी की बैठक होगी।