रामपुर बुशहर। देश और प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों की काफी आवाजाही हो रही है, जो एक तरह से खतरे की घंटी के रूप में देखी जा रही है। बीते रोज देश के रेड जोन पुणे से दो नेपाली मूल के मजदूर शिमला जिले के सैंज पहुंच गए। इन मजदूरों को आनी उपमंडल के किसी क्षेत्र में जाना था, लेकिन आनी प्रशासन ने इन लोगों को उपमंडल में आने को लेकर सहमति नहीं जताई और रात भर ये दोनों पुलिस की निगरानी में सैंज स्थित पार्क में पड़े रहे।
गौर हो कि देश के रेड जोन घोषित हो चुके पुणे से ट्रेन और बस का सफर कर दो नेपाली मजदूर काम करने के लिए आनी उपमंडल के नित्थर क्षेत्र के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार रात को ये दोनों शिमला और कुल्लू जिले को जोड़ने वाले सैंज क्षेत्र में पहुंच गए। यहां से इन्हें आनी उपमंडल का रुख करना था, लेकिन जिस व्यक्ति ने इन मजदूरों को बुलाया था, उसने इन्हें लाने से मनाही कर दी। इसके बाद कुमारसैन और रामपुर उपमंडलाधिकारियों ने आनी प्रशासन से बात की और इन्हें आनी में क्वांरटीन करने की बात कही, लेकिन आनी प्रशासन के ढुलमुल रवैये के चलते इन दोनों प्रवासी मजदूरों को सैंज पार्क में ही रात बितानी पड़ी। एसडीएम आनी की मंजूरी न मिलने के चलते ये दोनों मजदूर संकट में पड़ गए थे। रामपुर प्रशासन ने दोनों मजदूरों को ज्यूरी स्थित संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया है। शिमला जिले के शोघी से इन दोनों को आनी जाने की अनुमति मिली थी।
उधर, एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि पुणे से दो नेपाली मजदूर पहुंचे हैं, जिन्हें आनी जाना था। रामपुर प्रशासन ने ही ज्यूरी में संस्थागत क्वारंटीन पर भेजा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है। अफवाहों पर न जाएं। आपसी सहयोग और जागरूकता से ही कोरोना महामारी से निपटा जा सकता है।