ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। थैली चकटी पंचायत के बस्ता धार वार्ड में ग्राम पंचायत की ओर से मनरेगा में रोजगार न देने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने बीडीओ दफ्तर ननखड़ी के बाहर प्रदर्शन किया।
महिलाओं का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर गत एक सितंबर को वार्ड में बैठक का आयोजन किया गया। इसके चलते 11 सितंबर को ग्राम पंचायत की ओर से काम शुरू करने का फैसला लेने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया। 11 सितंबर को जब बस्ता धार वार्ड की महिलाएं काम मांगने के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचीं तो पंचायत ने उनसे काम के लिए आवेदन ही स्वीकार नहीं किया। इसके कारण कई महिलाएं बेरोजगार हो गई हैं। धरना प्रदर्शन के दौरान हिमाचल किसान सभा के सचिव ओम प्रकाश भारती ने बताया कि आवेदन स्वीकार नहीं करने के लिए पंचायत प्रधान और सचिव बिल्कुल भी तैयार नहीं है। इसके बाद किसान सभा ने आवेदनों को 14 सितंबर को खंड विकास अधिकारी ननखड़ी को स्पीड पोस्ट से भेजा। आज करीब 25 दिन बीत जाने के बावजूद ग्राम पंचायत की ओर से मनरेगा श्रमिकों को काम उपलब्ध नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नियमानुसार आवेदन के 15 दिन के बाद अगले 30 दिनों तक कुल दिहाड़ी के 25 प्रतिशत के बराबर दिहाड़ी मजदूर के खाते में डालनी होगी। इसके बारे में किसी भी तरह की अनियमितता के लिए ग्रामीण विकास विभाग और जिलाधीश को भी सूचित किया जाएगा। प्रदर्शन में किशोरी लाल, प्रमिला देवी, संती देवी, बीना देवी, सत्या देवी, सुंदरी देवी, गुड्डी, शारदा, गुलाबी देवी, देवीसरण, सीता देवी, बिंद्रा, गुलाब सहित अन्य लोग मौजूद रहे।