रोहड़ू। चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने के विरोध में विशेष सभा के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की। इससे पहले सुंधा भौंडा पंचायत के ग्रामीण भी चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने का विरोध कर चुके हैं।
बुधवार को आयोजित चिड़गांव पंचायत की विशेष ग्रामसभा में सभी जनप्रतिनिधियों औैर स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभा में लोगों ने चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने का पुरजोर विरोध किया। लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई कि नगर पंचायत गठन के फैसले को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। कहा कि लोगों की राय लिए बिना मनमर्जी से नगर पंचायत को जनता पर थोपने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका ग्रामीण खुलकर विरोध कर रहे हैं।
चिड़गांव पंचायत की प्रधान सावित्री जोक्टा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने का फैसले तो ले लिया है लेकिन स्थानीय लोग इस फैसले से खुश नहीं हैं। लोगों का मानना है कि इस फैसले से जनता को नुकसान होगा, इसलिए ग्रामसभा में सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नगर पंचायत के विरोध में प्रस्ताव पारित किया है। इस दौरान नगर पंचायत गठन के फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग भी उठाई है। इस मौके पर चिड़गांव पंचायत के उपप्रधान विनय ठाकुर, वार्ड सदस्य कांता देवी, वार्ड सदस्य बबिता ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रमोद राणा, वार्ड सदस्य अनिल और बनीता जोक्टा भी उपस्थित रहे।