रिकांगपिओ (किन्नौर)। पूह खंड के भगत नाले के पास से रेत ले जाने को लेकर हुई बहस के बाद लापता युवा सोनम का अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला पाया है। मामले की जांच सीबीआई को न सौंपे जाने पर गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को पोवारी के पास तीन घंटे नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया। गुस्साए ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर मामले में ढील बरतने का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चला यह प्रदर्शन पुलिस की ओर से सीबीआई को भेजा पत्र दिखाने के बाद ही थमा।
मामले को लेकर शनिवार को पूह वैली की 25 पंचायतों के करीब 300 महिलाओं और पुरुषों ने रिकांगपिओ बाजार में रोष रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जांच सीबीआई को न सौंपे जाने पर रोष जताया। फिर पोवारी के पास तीन घंटे नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। गौरतलब है कि मामले में सोनम के पिता प्रकाश चंद ने लिखित में जिला प्रशासन किन्नौर से सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया है। वहीं कोर्ट ने मामले में संलिप्त नौ लोगों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
प्रदर्शन के दौरान एसी टू डीसी हर्ष अविंदर और डीएसपी हेड क्वार्टर विपन कुमार ने ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन ग्रामीण सीबीआई जांच की मांग को लेकर अड़े रहे। इसी कारण तीन घंटे तक एनएच पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई और लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुए परिजन
प्रदर्शन के दौरान सोनम की माता और बहन बेहोश हो गईं, जिन्हें महिलाओं ने संभाला। सोनम की मां और बहन का कहना है कि अभी तक सोनम का कोई सुराग नहीं लग पाया है। यह पुलिस की नाकामी है।
वहीं एसी टू डीसी हर्ष अविंदर के अनुसार मामले की जांच को लेकर सीबीआई और एनडीआरफ को पत्र भेजा गया है। विरोध प्रदर्शन थम गया है। युवक की खोजबीन को मंडी जिले के मांहूनाग से पांच गोताखोर बुलाए गए हैं, जो सतलुज नदी में लापता की तलाश कर रहे हैं।
सात सितंबर को सोनम पर हुआ था हमला
बीते 7 सितंबर को सोनम जो अपने मजदूरों के साथ सतलुज नदी से रेत लेने गया था, तो खनन माफिया ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद से सोनम लापता है, जबकि उसकी गाड़ी रास्ते में ही खड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोनम की गाड़ी को रोकने के लिए माफिया ने बड़े-बड़े पत्थरों से रास्ता बंद किया था, जैसे ही गाड़ी रुकी तो हमलावर सोनम और उसके मजदूरों पर टूट पड़े। इस बीच मजदूर भागने में सफल हुए, लेकिन सोनम उनके चंगुल से नहीं बच सका।
पुलिस और प्रशासन रहे नाकाम
हांगरांग वैली संघर्ष समिति अध्यक्ष शांता कुमार नेगी ने कहा कि भगत नाले के समीप से लापता हुए सोनम को इन सभी आरोपियों ने मौत के घाट उतारा है। घटना स्थल से खून के निशान और चप्पल मिली हैं। सात दिन बाद भी लापता का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पुलिस और प्रशासन सोनम को ढूंढने में नाकाम साबित हो हुए हैं।