रोहडू में बैठक के दौरान सीटू से सबंधित मीड डे मील वर्कर
सीटू रोहड़ू इकाई की बैठक में समस्याओं को लेकर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मिड-डे मील वर्कर संबंधित सीटू रोहड़ू इकाई की बैठक में आरोप लगाया कि सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। अब मिड-डे मील वर्करों की मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। इकाई की बैठक में 57 वर्करों ने भाग लिया। सीटू जिला उपाध्यक्ष सुनील मैहता, सीटू महासचिव अजय दुलटा, क्षेत्रीय समन्वय समिति के कन्वीनर राज मिला, बबिता और लेख राज ने कहा तीन महीने से 45 सौ रुपये के बजाय 35 रुपये वेतन वर्करों को दिया जा रहा है। इस महीने वेतन मात्र 27 और 25 सौ रुपये ही मिला है। उन्होंने सरकार की इस अनदेखी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के चलते अभी तक भी वर्करों को 12 महीने के स्थान पर केवल दस महीने का वेतन दिया जा रहा है। यूनियन मांग करती है कि जल्द 12 महीने का वेतन पंजाब की तरह हिमाचल प्रदेश में भी लागू किया जाए। चुनाव में ड्यूटी करवाने का तीन दिन का एक भी पैसा वर्करों को नहीं दिया गया। वर्करों को छुट्टियां सरकार की ओर से नहीं दी जाती, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को 20 छुट्टियां एक वर्ष में दी जाती हैं। मिड-डे मील वर्करों को नियमित किया जाए। मिड-डे मील वर्करों से अतिरिक्त कार्य न करवाया जाए। वर्ना अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त वेतन दिया जाए।