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Rampur Bushahar News: न्यू कांप्लेक्स सिस्टम के विरोध में उतरे प्राथमिक शिक्षक

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. मिल्क फेडरेशन अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर को सौंपा ज्ञापन
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. 141 ब्लॉक कार्यालयों से चल रही व्यवस्था को समाप्त करना प्राथमिक शिक्षा को खतरा : ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी

निरमंड(कुल्लू)।
प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ओर से किए जा रहे फेरबदल को लेकर शिक्षकों में भारी रोष है। न्यू कांप्लेक्स सिस्टम समेत अन्य समस्याओं को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ निरमंड के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। शिक्षक संघ ने न्यू कांप्लेक्स सिस्टम का विरोध जताया और सरकार से इस प्रणाली को रद्द करने की मांग उठाई।प्राथमिक शिक्षक संघ निरमंड के अध्यक्ष संदेश ठाकुर की अगुवाई में सौंपे ज्ञापन के माध्यम से बताया कि राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के 9 नवंबर को सुंदरनगर में आयोजित साधारण अधिवेशन में न्यू कांप्लेक्स सिस्टम पर 23 सितंबर, 2025 को जारी अधिसूचना का कड़ा विरोध किया गया। एक प्रधानाचार्य के अधीन 15 से 20 स्कूल कर दिए गए हैं। इससे प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन सुचारु रूप से नहीं चलेगा। प्रशासनिक कार्य क्षेत्र बड़ा होने से प्राथमिक शिक्षा को नुकसान होगा। जेबीटी से प्रमोट होने वाले एचटी, सीएचटी और बीईईओ की शक्तियों और कार्य क्षेत्र को सीमित किया गया है। इससे 20 हजार वर्तमान और 30 हजार से अधिक सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों में भारी रोष है। मिड-डे मील योजना में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं की भोजन व्यवस्था को एक साथ किया जा रहा है। इस कारण भारत सरकार के नियमों और मानकों के अनुसार हजारों मिड-डे मील वर्करों की नौकरी खतरे में है। ऐसा करने से 22 हजार से अधिक मिड-डे मील वर्कर नाराज हैं। प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्कूलों की हर प्रकार की व्यवस्था 141 ब्लॉक कार्यालयों से चलती है, जो बहुत ही व्यवस्थित, सुचारु और सफल चल रही है। इस व्यवस्था को खत्म करना प्राथमिक शिक्षा को तहस-नहस करना होगा। न्यू कांप्लेक्स प्रणाली के दिशा- निर्देशों से कोई भी वर्ग खुश नहीं है। चाहे प्रवक्ता हैं या स्नातक अध्यापक वर्ग। सभी इस सिस्टम से नाराज हैं। इस प्रणाली से शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक वर्ग भी धरातल पर नाराज चल रहा है। आठ हजार से अधिक मल्टी टास्क वर्कर भी इस प्रणाली से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को लागू करने से लाखों प्रशिक्षित जेबीटी और स्नातक बेरोजगार भी नाराज चल रहे हैं। जेबीटी, एचटी और सीएचटी के अर्जित अवकाश की स्वीकृति की शक्तियां प्रधानाचार्य को दी गई हैं। यह किसी भी तरह से व्यावहारिक नहीं है। प्राथमिक शिक्षकों की हर प्रकार के अवकाश की स्वीकृति की शक्तियां केंद्रीय मुख्य शिक्षक और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पास ही होनी चाहिए। छोटे-छोटे बच्चों के खेल बंद करने से लाखों बच्चों के अभिभावक नाराज चल रहे हैं। उन्होंने मिल्क फेड अध्यक्ष से उक्त समस्याओं का निवारण और शिक्षकों को राहत पहुंचाने की मांग की है। इस मौके पर संघ के महासचिव अरुण विमल, उपाध्यक्ष मीरा बिष्ट, कोषाध्यक्ष रमेश ठाकुर, नीलम प्रकाश, सुरजीत भंडारी, अजय कायथ सहित अन्य मौजूद रहे।
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