एक प्रतिशत विद्युत रॉयल्टी और प्रदूषण मुआवजा जारी न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी
जन कल्याण समिति 15/20 ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
एसडीएम ने जल्द राशि खातों में डालने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत परियोजना से प्रभावित नौ पंचायतों के ग्रामीण आज भी सरकार और जिला प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। प्रभावितों को आश्वासन के बावजूद पिछले चार वर्षों से लंबित एक प्रतिशत विद्युत रॉयल्टी और प्रदूषण मुआवजे की राशि नहीं मिल पाई है।
जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये को लेकर प्रभावितों में खासा रोष है। प्रभावितों को गत मार्च में लंबित राशि जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी उनके हाथ खाली हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से जल्द राशि जारी कर राहत देने की मांग की है। जन कल्याण समिति 15/20 के पदाधिकारियों ने बुधवार को एसडीएम निरमंड जगदीप सिंह राठौर से मुलाकात की। समिति के अध्यक्ष चंदे राम के नेतृत्व में प्रभावितों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
समिति ने कहा कि रामपुर परियोजना से प्रभावित नौ पंचायतों के लोग लंबे समय से लंबित राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। विशेष रूप से प्रभावित ग्रामीण विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत रॉयल्टी और प्रदूषण मुआवजे की राशि न मिलने से स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। समिति का कहना है कि परियोजना प्रबंधन यह राशि सरकार को पहले ही सौंप चुका है, लेकिन जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण प्रभावित हक से वंचित हैं। वर्ष 2019 से लंबित राशि जारी करने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन न तो उन्हें समय पर विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत रॉयल्टी मिल रही है और न ही प्रदूषण मुआवजे की राशि।
उन्होंने कहा कि पोशना, ब्रौ, जगातखाना, तुनन, बक्खन, खरगा, कुश्वा और धारा सरघा पंचायतों के प्रभावित वर्षों से इस राशि की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने एसडीएम निरमंड से जल्द लंबित राशि जारी करने का आग्रह किया। चेतावनी दी कि यदि समय रहते भुगतान नहीं किया गया तो समिति ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
एसडीएम जगदीप सिंह राठौर ने समिति को आश्वासन दिया कि लंबित राशि जल्द ही प्रभावितों के खातों में जमा कर दी जाएगी। इस अवसर पर समिति के सचिव परस राम, उपप्रधान तुलसू राम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।