भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही बिजली बोर्ड की व्यवस्थाएं भी चरमराने लगी हैं। हालात यह हैं कि भावानगर में शनिवार देर शाम को बिजली के बार-बार गुल होने से लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा को भी काफी समय तक अंधेरे में ही रहना पड़ा जब वह अपने दौरे से वापस शिमला जाते समय भावानगर में रात्रि विश्राम के लिए रुके थे। इतना ही नहीं, ओवरलोडिंग होने के कारण उपभोक्ताओं के सैकड़ों विद्युत उपकरण विभागीय लापरवाही के चलते खराब हो रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से बुजुर्गों और बच्चों को भी ठंड में ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब रात को ही इसकी शिकायत करने के लिए शिकायत कक्ष गए तो वहां पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। दूरभाष पर भी किसी से कोई संपर्क नहीं हो पाया। इस संबंध में 30 से अधिक उपभोक्ताओं ने लिखित शिकायत सहायक अभियंता को भी सौंपी है। उधर, सहायक अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इन दिनों भावानगर बाजार में एनएच प्राधिकरण की ओर से सड़क चौड़ी करने का कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते खुदाई के दौरान सड़क किनारे लगा एक पोल टेढ़ा हो गया और लाइन शॉट हो गई। इसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। वहीं, बिजली आपूर्ति में 66केवी सब स्टेशन में तकनीकी दिक्कतों के कारण बाधा उत्पन्न हो रही है जिसे जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।