रोहडू। नगर परिषद रोहडू में सफाई व्यवस्था मात्र सात नियमित कर्मचारियों के सहारे चल रही है। सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते नगर परिषद रोहडू को नगर के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि परिषद की ओर से आउटसोर्स पर कुछ सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। फिर भी परिषद को 18 से 20 नियमित सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है।
करीब एक दशक पूर्व रोहड़ू को नगर पंचायत से नगर परिषद का दर्जा दिया गया। परिषद का दर्जा देने के बाद भी सफाई कर्मचारियों के पदों को नहीं बढ़ाया गया। नियमानुसार नगर परिषद में 18 से 20 नियमित सफाई कर्मचारी होने चाहिए ताकि सफाई सही ढंग से की जा सके। नगर परिषद रोहडू में सात वार्ड हैं। इन वार्डों में लोगों की संख्या पंद्रह हजार से अधिक है। नगर में आठ सौ से अधिक दुकानें भी हैं। नगर में सफाई करने के लिए मौजूद समय में नगर परिषद रोहडू के पास सात नियमित सफाई कर्मचारी हैं। नगर परिषद को सभी सात वार्डों में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कम से कम 18 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। आलम यह है कि सप्ताह में छुट्टी के दिन सफाई का कार्य ठप रहता है। सात कर्मचारियों के सहारे नगर को साफ सुथरा रखना नगर परिषद के लिए मुश्किल कार्य बन गया है।
नगर परिषद रोहडू के अध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि नगर में जनसंख्या काफी बढ़ गई है। जिसका सारा दबाव नगर परिषद रोहडू की सफाई व्यवस्था पर पड़ता है। नगर परिषद के पास सात सफाई कर्मचारी हैं। जिससे पूरे रोहडू को साफ सुथरा रखना मुश्किल है। सफाई कर्मचारियों के नए पदों को स्वीकृत करने के लिए सरकार से मांग उठाई गई है।