अब अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा का दावा मजबूत
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद को लेकर अंदरखाने बैठकों, संपर्कों और रणनीतियों का दौर तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)।
नगर पंचायत नेरवा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। चुनाव परिणाम आने के बाद खुद को निर्दलीय बताने वाले पार्षद अब अपने राजनीतिक पत्ते खोलने लगे हैं। मंगलवार को नेरवा में हुई एक पत्रकार वार्ता ने नगर पंचायत की राजनीति में नया मोड़ ला दिया। चौपाल के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने स्वयं को निर्दलीय बताने वाले तीन पार्षदों संधीरा कपिल, सीमा मनसाइक और अमन सूद का मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर विधायक ने संधीरा कपिल को नगर पंचायत अध्यक्ष और सीमा मनसाइक को उपाध्यक्ष बनने पर अग्रिम बधाई देकर साफ संकेत दे दिए कि नगर पंचायत की सत्ता किस ओर झुकती नजर आ रही है। सबसे अधिक चर्चा वार्ड नंबर-4 के पार्षद राजेंद्र सिंह कंवर की अनुपस्थिति को लेकर रही। बीते दिन तक यही पार्षद इन तीनों के साथ नजर आए थे, लेकिन मंगलवार की पत्रकार वार्ता से उनकी दूरी कई सवाल खड़े कर गई। वहीं, वार्ड नंबर-5 से चुने गए नरेंद्र शटाइक का मंच पर मौजूद रहना नए समीकरणों को और मजबूत करता दिखा। सात वार्डों वाली नेरवा नगर पंचायत में चार पार्षद निर्विरोध चुने गए थे। वार्ड नंबर-4 से निर्विरोध चुने गए राजेंद्र सिंह कंवर पिछले कार्यकाल में कांग्रेस समर्थित मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। दूसरी ओर वार्ड नंबर-7 से निर्वाचित बबिता तंगड़ाइक पिछली नगर पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि वार्ड नंबर-1 से चुने गए शूरवीर सिंह राणा लगातार दूसरी बार पार्षद बने हैं। विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने इन सभी को भाजपा समर्थित बताया है, लेकिन बबिता तंगड़ाइक और शूरवीर सिंह राणा ने स्वयं को निर्दलीय बताते हुए फिलहाल राजनीतिक पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। उधर, राजेंद्र सिंह कंवर का फोन बीती शाम से बंद होने के कारण उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है। नेरवा नगर पंचायत में अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर अंदरखाने बैठकों, संपर्कों और रणनीतियों का दौर तेज हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कौन किस खेमे में दिखाई देता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।