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दुर्गम पंचायत कूट में ग्रामीणों का प्रदर्शन तीसरे दिन में भी जारी

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दुर्गम पंचायत कूट में तीसरे दिन में भी प्रदर्शन करते स्थानीय ग्रामीण - फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत कूट में मांगों को लेकर विद्युत परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। लोग 24 मेगावाट गुडविल हाइड्रो परियोजना के खिलाफ ग्रामीण बीते शनिवार से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान ग्रामीण परियोजना की वियर साइट और पावर हाउस में डटे हैं।
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ग्रामीणों ने चेताया कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। रामपुर की सबसे दुर्गम पंचायत कूट में बनी 24 मेगावाट विद्युत परियोजना पर लोगों ने मनमानी के आरोप लाए हैं। लोगों का आरोप है कि गुडविल एनर्जी पावर परियोजना प्रबंधन न तो स्थानीय लोगों को रोजगार दे रही है और न ही फसलों और घरों में आ रही दरारों के एवज में मुआवजा दिया जा रहा।
हालत यह है कि परियोजना द्वारा लाडा का जो पैसा पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए दिया जाता है, उसे भी जमा नहीं करवाया गया है। पंचायत प्रधान कूट रत्न डोगरा ने बताया कि इस संबंध में कई मर्तबा कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है। बावजूद इसके किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन अब ग्रामीण अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। प्रभावित क्षेत्र ग्रामीणों ने पावर हाउस और वियर साइट में काम को बंद करवा दिया है।
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लोगों की परियोजना प्रबंधक से लैंड लूजरों को परियोजना में रोजगार, लोगों के घरों आई दरारों के एवज में मुआवजा देने जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अलावा गांव के ऊपर से पेन स्टॉक हटाने, सुरू गांव तक सड़क का निर्माण करने की मांग उठाई है। 24 मेगावट की इस परियोजना में 2018 से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है, लेकिन ग्रामीणों के अधिकारों से उन्हें अभी तक वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेताया कि परियोजना प्रबंधक जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीणों का हक नहीं दे रही है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रही है। लाडा का एक पैसा कंपनी ने प्रशासन के पास जमा नहीं करवाया है। इससे साफ है कि परियोजना यहां पर तानाशाही रवैया अपनाए हुए है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डोगरा ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
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