रामपुर बुशहर। हिमकोफेड के पूर्व अध्यक्ष कौल सिंह नेगी ने सरकार और दत्तनगर मिल्कफेड की दूध उत्पादक विरोधी नीतियों तथा हर माह दूध भुगतान में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड ने ढाई महीने से दूध उत्पादकों को भुगतान नहीं किया है। इससे उपमंडल रामपुर सहित अन्य क्षेत्रों के हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कौल सिंह ने सरकार से मिल्कफेड द्वारा खरीदे दूध का तुरंत भुगतान करने और दूध उत्पादक-विरोधी नीतियों में सुधार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण दूध उत्पादकों को बार-बार अपने हक का पैसा मांगना पड़ रहा है। 20 लीटर दूध खरीद की तय सीमा और महीने में छुट्टी की व्यवस्था के कारण दूध की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। लोग इस अव्यवस्था से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने मांग की कि 20 लीटर की सीमा तुरंत समाप्त की जाए और पूरे महीने बिना किसी अवकाश के नियमित रूप से दूध खरीदा जाए। संवाद