अभियान दो : 250 वाहनों की पार्किंग का टेंडर खत्म होने के बाद नहीं हुई नीलामी
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. कहीं वाहन बेतरतीब खड़े तो कहीं स्ट्रीट वेंडरों ने जगह घेरी .सुबह के समय एसडीएम कार्यालय से लेकर कोर्ट तक लगता है जाम संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। रोहड़ू में इस बार पार्किंग के लिए टेंडर न होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों को सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पुराने और खराब वाहन लंबे समय से सड़क के किनारे खड़े हैं, जबकि रेहड़ी-फड़ी और स्ट्रीट वेंडरों के कारण भी सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। नगर परिषद ने करीब दो वर्ष पहले बाजार में 250 वाहनों की क्षमता वाली अलग-अलग पार्किंग चयनित की थीं। इनको हर बार एक साल के लिए नीलाम किया गया था, जिससे नगर परिषद को करीब 38 लाख रुपये प्रतिवर्ष आय हो रही थी। पिछले साल टेंडर अवधि पूरी होने के बाद नई नीलामी नहीं की गई। इसके बाद पार्किंग स्थल का व्यवस्थित संचालन नहीं हो सका। अब कहीं वाहन बेतरतीब खड़े हैं, तो कहीं स्ट्रीट वेंडरों ने जगह घेर रखी है। रोहड़ू करीब डेढ़ लाख की आबादी का प्रमुख कस्बा है। जुब्बल-नावर और रोहड़ू के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा उत्तराखंड से भी लोग उपचार, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी वाहन कस्बे में आते हैं। पार्किंग की व्यवस्था सुचारु न होने से इन वाहनों का दबाव मुख्य सड़कों पर बढ़ रहा है। सुबह के समय एसडीएम कार्यालय से लेकर कोर्ट के बाहर तक जाम की स्थिति बन रही है। स्कूल और कार्यालय के समय यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे लोगों को काफी समय जाम में बिताना पड़ता है। सड़क के किनारे खड़े वाहनों के कारण कई जगह सड़क की चौड़ाई भी कम हो जाती है। किसी वाहन को सड़क के किनारे खड़ा करने के बाद उसके पीछे अन्य वाहन लग जाने से निकालना भी मुश्किल हो जाता है। अब नगर परिषद की कार्रवाई पर नजर है। पार्किंग व्यवस्था बहाल होने के साथ पुराने वाहनों और अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई होती है या नहीं, इससे ही तय होगा कि रोहड़ू को रोजाना लगने वाले जाम से कितनी राहत मिलती है।
बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई है। व्यवस्था को सुचारु करने के लिए जरूरी रणनीति बनाने के लिए कहा गया है। समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
-जितेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष, नगर परिषद, रोहड़ू।
पार्किंग की समस्या के साथ पुराने खराब वाहनों और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई जरूरी है। जब नगर परिषद के पास वाहनों की क्षमता वाले छोटे-छोटे पार्किंग स्थल मौजूद है। इससे पहले उससे लाखों रुपये का राजस्व भी प्राप्त होता रहा था। अब नई नीलामी में देरी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। - विजय मेहता, अध्यक्ष, भाजपा मंडल, रोहड़ू
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रेहड़ी-फड़ी वालों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए सड़क के किनारे से हटाकर अलग स्थान दिया जाए, ताकि सड़क लोगों के लिए खुली रही। दुकानदारों को भी इससे परेशानी हो रही है।