सरकार और शिक्षा विभाग के फरमान पर जताया रोष
भौगोलिक परिस्थितियों के कारण छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की दूरदराज मुनिश पंचायत में वर्ष 1996 से संचालित उच्च पाठशाला का दर्जा घटाए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है। वर्तमान में विद्यालय में 14 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नौवीं में एक, दसवीं में तीन और शेष अन्य कक्षाओं में पढ़ रहे हैं।
साल 2014 से चल रही कूहल पंचायत की उच्च पाठशाला में नौ छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जबकि नरेश पंचायत की उच्च पाठशाला जराशी का भी दर्जा घटाकर माध्यमिक कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधन समिति मुनिश के अध्यक्ष कुलभूषण और कूहल स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार का यह निर्णय तर्कसंगत नहीं है। इस फैसले का सीधा असर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले अभिभावकों पर पड़ेगा, जिनके बच्चे अब उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की संख्या घटने के पीछे स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी एक बड़ा कारण है। इस वजह से अभिभावक अपने बच्चों को अन्य विद्यालयों में भेजने को मजबूर हैं।
पंचायत प्रधान मुनीश भजन दास ने बताया कि पाठशाला का दर्जा बरकरार रखने के लिए पंचायत की ओर से प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से गुहार लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बीच सत्र में स्कूलों का दर्जा घटाया जाना बिल्कुल अनुचित है। यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो ग्रामीण स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा।