अस्पताल, बस रूट, सड़क, जलोड़ी सुरंग और दुग्ध भुगतान के उठाए मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। क्षेत्रीय जनहित की मांगों को लेकर जनहित संघर्ष मोर्चा का आंदोलन लगातार जारी है। 23 दिन के क्रमिक धरने के बाद सामाजिक नेता एवं मोर्चा प्रमुख पदम प्रभाकर छह दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने आनी विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब एक माह से आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक कई जिम्मेदार नेताओं ने मोर्चा पदाधिकारियों से संवाद तक करना उचित नहीं समझा।
पदम प्रभाकर ने कहा कि आनी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सब्जी मंडी की समस्या, बसों के उचित प्रबंधन और बंद पड़े बस रूटों की बहाली, सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने, टेंडर हो चुकी सड़कों पर काम शुरू करने, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित समस्याओं के समाधान, जलोड़ी सुरंग निर्माण, दुग्ध उत्पादकों को समय पर दूध का भुगतान, दुग्ध सोसायटियों को नियमित फीड उपलब्ध करवाने और आनी में एनालाइजर मशीन की सुविधा समेत कई मांगों को लेकर मोर्चा आवाज उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन मांगों को सरकार के समक्ष उठाने की जिम्मेदारी जिन नेताओं की है, वे मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब जनता से जुड़े मुद्दे सामने हैं तो सरकार से बात करना तो दूर, आनी के नेताओं ने मोर्चा के लोगों से फोन पर बात करना तक उचित नहीं समझा। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी इन मुद्दों को लेकर उनकी गंभीरता दिखाई नहीं दी।
उन्होंने आनी ब्लॉक कांग्रेस और क्षेत्र के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने बुद्धि सिंह ठाकुर, यूपेंद्र कांत मिश्रा, सतपाल ठाकुर, परसराम, किशोरी लाल सागर, बंसी लाल और बीसीसी अध्यक्ष गोबिंद शर्मा से सवाल किया कि जनहित के मुद्दों पर इस तरह का रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।