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Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में छह माह से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट, निजी प्लांट से खरीदी जा रही ऑक्सीजन

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रामपुर के खनेरी अस्पताल में छह माह से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
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करोड़ों की लागत से बने प्लांट की नहीं हो रही मरम्मत
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डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बना प्लांट, 200 बिस्तरों तक पहुंचाता है ऑक्सीजन

निजी प्लांट से हर माह खरीदी जा रही 30 से 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन
1000 से अधिक हर रोज ओपीडी, चार जिलों से पहुंचते हैं मरीज

स्वास्थ्य विभाग से मामला उठाने के बाद भी नहीं हो रहा समाधान

सर्दियों में अधिक रहती है ऑक्सीजन से संबंधित मरीजों की संख्या

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। रामपुर का महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल प्रदेश के चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। कोरोना काल से पहले यहां ऑक्सीजन की खासी किल्लत रहती थी। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने करोड़ों की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया। इस प्लांट का मरीजों को लाभ मिल रहा था, लेकिन छह माह से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है। इस कारण अस्पताल प्रशासन निजी प्लांट से ऑक्सीजन खरीदकर मरीजों को उपलब्ध करवा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है। गौर हो कि खनेरी अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है। रोजाना जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले से मरीज बेहतर उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। प्लांट खराब होने की सूरत में अब अस्पताल प्रशासन भद्राश स्थित निजी प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति ले रहा है। निजी प्लांट से अस्पताल के लिए हर माह करीब 30 से 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन के पर देनदारी बढ़ रही है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो एक माह में अस्पताल में 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन पहुंचती है, तो छह माह में यह आंकड़ा करीब ढाई लाख रुपये पहुंच चुका है। ऐसे में यदि समय रहते प्लांट दुरुस्त कर दिया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन को आर्थिक चपत नहीं लगेगी। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी खनेरी अस्प्ताल पर भारी पड़ रही है।
प्लांट का मेजर कंप्रेशर खराब, स्वास्थ्य विभाग को भेजा 6.59 लाख का एस्टीमेट
कोरोना महामारी के दौरान डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट से अस्पताल के कोविड केयर वार्ड सहित 200 बिस्तरों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। इस प्लांट से हर मिनट में करीब एक हजार लीटर ऑक्सीजन तैयार की जा रही थी। प्लांट स्थापित होने से अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन छह माह से खराब प्लांट की स्वास्थ्य विभाग और सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। इस ऑक्सीजन प्लांट का मेजर कंप्रेशर खराब हो गया है। इस कारण इससे ऑक्सीजन नहीं बन पा रही। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन प्लांट को दुरुस्त करने के लिए करीब 6.59 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेजा है, लेकिन बजट के अभाव में प्लांट की मरम्मत का कार्य नहीं हो रहा।
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अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट छह माह से बंद पड़ा है। प्लांट का मेजर कंप्रेशर खराब हो गया है, जिसे दुरुस्त करने को लेकर करीब 6.59 लाख का एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेजा है। आगामी दिनों में रोगी कल्याण समिति की बैठक है। इसमें आरकेएस के तहत प्लांट को दुरुस्त करने का मुद्दा उठाया जाएगा। सरकार से बजट की स्वीकृति होते ही इस राशि को आरकेएस में डाला जाएगा। - डॉ. अजय कुमार नेगी, एमएस, खनेरी अस्पताल
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