रामपुर, ननखड़ी के हजारों मरीजों को घर द्वार पर मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
ननखड़ी, तकलेच, बाहली, समेज और गोपालपुर स्वास्थ्य केंद्र को मिले डॉक्टर
लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझ रहे मरीजों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित लोगों को अब स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र के पांच स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इससे ग्रामीणों को उपचार के लिए रामपुर और शिमला के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। इसके तहत सीएचसी ननखड़ी, सीएचसी तकलेच, पीएचसी बाहली, पीएचसी समेज और पीएचसी गोपालपुर में चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
सीएचसी तकलेच में डॉ. कविता ठाकुर, पीएचसी गोपालपुर में डॉ. प्रियंका चांदला, पीएचसी बाहली में डॉ. नीमा डोलमा, पीएचसी समेज में डॉ. जतिन कश्यप तथा सीएचसी ननखड़ी में डॉ. नेहा ठाकुर की नियुक्ति की गई है।
ये सभी स्वास्थ्य संस्थान उपमंडल मुख्यालय रामपुर से लगभग 40 से 60 किलोमीटर की दूरी पर हैं। लंबे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी उन्हें कई किलोमीटर दूर रामपुर या शिमला जाना पड़ता था। सबसे अधिक दिक्कत सीएचसी ननखड़ी और सीएचसी तकलेच में आने वाले मरीजों को होती थी। यहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें उपचार के लिए रामपुर रेफर होना पड़ता था। आपातकालीन मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इन स्वास्थ्य संस्थानों पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोग निर्भर हैं। चिकित्सकों की तैनाती से अब लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
रामपुर क्षेत्र के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी चिकित्सक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
-डॉ. गगन शर्मा, बीएमओ, रामपुर