22 केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे रेन शेल्टर निर्माण पर आपत्ति, नगर परिषद को कानूनी नोटिस
विज्ञापन
. चिड़गांव रोड पर सार्वजनिक शौचालय की छत पर प्रस्तावित लोहे के रेन शेल्टर को लेकर विवाद संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। चिड़गांव रोड पर सार्वजनिक शौचालय की छत पर प्रस्तावित लोहे के रेन शेल्टर के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद एवं पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष सुमेश चौहान ने निर्माण की सुरक्षा और वैधानिक अनुमति को लेकर नगर परिषद रोहड़ू को कानूनी नोटिस भेजकर कार्य रोकने की मांग की है। अधिवक्ता नीरज शर्मा के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि प्रस्तावित रेन शेल्टर के समीप 22 केवी की हाईटेंशन ओवरहेड विद्युत लाइन मौजूद है। ऐसे में निर्माण को लेकर विद्युत सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। नोटिस में हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एक्ट, 1994 की धाराओं 203 और 175 तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सुरक्षा विनियमों का हवाला देते हुए आवश्यक स्वीकृतियां, साइट प्लान, भवन योजना और विद्युत सुरक्षा संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। नोटिस में 22 केवी लाइन और रेन शेल्टर के बीच वास्तविक ऊर्ध्वाधर व क्षैतिज दूरी की माप, संबंधित विद्युत अभियंता और विद्युत निरीक्षक की रिपोर्ट तथा सभी एनओसी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। सड़क के मोड़ और सीमित दृश्यता के कारण सुरक्षा को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। नगर परिषद से निर्माण कार्य रोककर संयुक्त साइट निरीक्षण करवाने और सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर सक्षम न्यायालय एवं अन्य वैधानिक मंचों का रुख किया जाएगा। आपत्तिकर्ता ने स्पष्ट किया कि विरोध रेन शेल्टर से नहीं, बल्कि प्रस्तावित स्थल पर सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को लेकर है।
-नगर परिषद को कानूनी नोटिस मिल चुका है। अभी रेन शेल्टर का काम रोक दिया गया है। नगर परिषद की आने वाली बैठक में इस पर चर्चा के बाद अगला फैसला होगा। प्रीतिमा राय, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रोहड़ू।