रामपुर बुशहर। एनएसयूआई रामपुर इकाई ने मंगलवार को प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में पांच लाख से अधिक फर्जी डिग्रियां बेचने के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठाई। वहीं, इकाई के पदाधिकारियों ने कॉलेज प्राचार्य के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा।
ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई ने मांग की कि इस प्रकार की फर्जी यूनिवर्सिटियों की मान्यता रद्द की जाए और दोषियों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। एनएसयूआई अध्यक्ष सूरज जोंगा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। जिस प्रदेश का नाम हमेशा से ही शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट रहा है, अब इस प्रदेश का शिक्षा स्तर भी बड़ी तेजी से घटता जा रहा है। यह एक चिंता का विषय है। सूरज ने कहा कि एनएसयूआई शुरू से ही शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण के खिलाफ आवाज उठाती रही है, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण अब पैसे देकर फर्जी डिग्रियां बेचने के मामले भी सामने आ रहे हैं जो हमारी देवभूमि की छवि पर एक कलंक के समान है। इकाई ने चेताया कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर विजय, नुतेश, सुरुचि, निधि, नितिका, राहुल, विक्की, एरिका, तरुण, अबू, किट्टू, संजय, सोनिया, जुगनू और रूही सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।