विकास की बात : 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी करशालाबाग-रघुपुर गढ़ उठाऊ पेयजल योजना
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होटल संचालकों, दुकानदारों, टेंट संचालकों को दो से तीन किलोमीटर दूर से वाहनों से पानी लाना पड़ता था संवाद न्यूज एजेंसी आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रघुपुर गढ़ और जलोड़ी जोत में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या से जल्द राहत मिलेगी। करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करशालाबाग-रघुपुर गढ़ उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिला प्रशासन और लाडा के आर्थिक सहयोग से तैयार इस योजना का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। रघुपुर गढ़ और जलोड़ी जोत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। यहां पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से पर्यटन विकास प्रभावित हो रहा था। स्थानीय होटल संचालकों, दुकानदारों और टेंट संचालकों को दो से तीन किलोमीटर दूर से वाहनों से पानी लाना पड़ता था। पानी की कमी से पर्यटकों को असुविधा होती थी। स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती बना हुआ था। जलोड़ी जोत में कई होटल और दुकानें संचालित हैं। संबंधित विभाग इनसे हर महीने हजारों रुपये का किराया वसूलता है लेकिन नियमित पेयजल आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी। इसका असर पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा था। योजना तैयार होने के बाद यहां कार्यरत दुकानदारों, होटल संचालकों और टेंट ऑपरेटरों को पेयजल कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद उन्हें नियमित रूप से योजना से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। क्षेत्र के युवा कुलदीप सिंह राणा ने कहा कि पर्यावरण-पर्यटन के विकास का सपना पर्याप्त पेयजल व्यवस्था के बिना अधूरा था। उन्होंने कहा कि योजना पूरी होने से स्थानीय युवाओं और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। उनका मानना है कि अब रघुपुर गढ़ और जलोड़ी जोत में पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
करशालाबाग-रघुपुर गढ़ उठाऊ पेयजल योजना का ट्रायल पूरा हो चुका है। योजना पूरी तरह तैयार है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लाभार्थियों को पेयजल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। यह योजना क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगी। - किशोर शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग