अग्निकांड होने से 65 किलोमीटर दूर नेरवा अग्निशमन केंद्र से मिलती है मदद
व्यापार मंडल कुपवी, प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उठाई अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। जिला शिमला और सिरमौर की सीमा पर स्थित उपमंडलीय मुख्यालय कुपवी में अग्निशमन केंद्र की सुविधा न होने के कारण क्षेत्रवासी हर साल आग की घटना में करोड़ों रुपये की संपत्ति गंवाने को मजबूर हैं। बीते कुछ वर्षों में कुपवी उपमंडल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई आग की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कई आशियाने, सेब के बागीचे और मवेशी जिंदा जलकर राख हो गए। विडंबना यह है कि इन घटनाओं के समय या तो दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच ही नहीं पाती, या फिर जब तक पहुंचती है, तब तक सब कुछ स्वाहा हो चुका होता है। वर्तमान में कुपवी और आसपास के पूरे इलाके की निर्भरता करीब 100 किलोमीटर दूर उपमंडल मुख्यालय चौपाल या फिर 65 किलोमीटर दूर स्थित नेरवा अग्निशमन केंद्र पर है। दुर्गम और संकरे पहाड़ी रास्तों के चलते चौपाल व नेरवा से कुपवी तक दमकल वाहन को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। जब तक मदद पहुंचती है, तब तक पीड़ितों के सामने राख के ढेर के सिवा कुछ नहीं बचता। उपमंडल मुख्यालय कुपवी स्थानीय स्तर पर करीब 15 पंचायतों का केंद्र बिंदु है। इसके अलावा, यहां से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर जिला सिरमौर की सीमा शुरू हो जाती है। यदि कुपवी में अग्निशमन चौकी या केंद्र स्थापित किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ नेरवा तहसील के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित जिला सिरमौर की दो दर्जन से अधिक पंचायतों को भी मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल कुपवी में अग्निशमन केंद्र खोलने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह मांग फाइलों और बस्तों में धूल फांकने लगती है। व्यापारमंडल कुपवी समेत धारचांदला पंचायत के प्रधान तुलषी राम जल्लटा, बाबत पंचायत के पूर्व प्रधान पदम शर्मा, बादल कफलाह पंचायत के पूर्व प्रधान सतपाल चौहान, स्थानीय निवासी सुखराम, दुला राम गौराइक, युवा समाजसेवी विक्रम भागटा आदि ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पुरजोर मांग उठाई है कि जनता के जानमाल की हिफाजत को ध्यान में रखते हुए कुपवी में शीघ्र अति शीघ्र अग्निशमन केंद्र की अधिसूचना जारी कर दमकल वाहन तैनात किए जाएं।