रामपुर बुशहर/सांगला। बीती आठ जनवरी से बदले मौसम के तेवरों के बाद किन्नौर, रामपुर और आउटर सिराज क्षेत्र में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। नेशनल हाईवे कई स्थानों पर यातायात के लिए अवरुद्ध है, वहीं ऊपरी शिमला सहित किन्नौर की अधिकांश ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई है। यही नहीं किन्नौर जिले की चार पंचायतों में बीते करीब दो सप्ताह से बिजली आपूर्ति गुल है, जिस कारण ग्रामीण कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। एक ओर शीतलहर की मार दूसरी और बर्फबारी की दुश्वारियों से ग्रामीणों को परेशानियां हो रही हैं।
रविवार को तीसरे दिन नेशनल हाईवे पांच नारकंडा में यातायात के लिए बाधित रहा, जबकि किन्नौर जिले के पांगी नाला और स्पीलो मंदिर के पास यातायात के लिए अवरुद्ध एनएच को रविवार शाम चार बजे यातायात के लिए बहाल किया गया। इसके बाद पूह, काजा की ओर तीन दिन बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। भारी बर्फबारी के कारण के कारण जिले के 53 रूटों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। रविवार को चगांव-उरनी रूट को छोड़ कर शेष रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई। बर्फबारी के 13 दिन बाद भी जनजातीय जिले की छितकुल, नगस्ति, आसरंग और कुन्नोचारंग पंचायत में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। दुर्गम पंचायतों के हजारों ग्रामीण बिना बिजली परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। भारत तिब्बत सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों को भी बिना बिजली दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी सुजान सिंह ने बताया कि जिले के अधिकांश रूटों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते बसों की आवाजाही नहीं करवाई जा रही है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने बताया कि बाधित एनएच को बहाल करने के लिए 6 मशीनें और करीब 50 मजदूरों को तैनात किए गए थे। दोपहर बाद बाधित एनएच को बहाल कर दिया गया है।
उधर, लोक निर्माण विभाग सांगला के एक्सईएन राहुल सूद ने बताया कि बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और करीब 300 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि जिले में अब 9 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिन्हें रिस्टोर करने में बोर्ड कर्मी युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
वहीं, परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भाग चंद ने बताया कि रविवार को एनएच पांच नारकंडा में बसों की आवाजाही के लिए बाधित रहा। रामपुर से शिमला के लिए बसों को वाया धामी होकर भेजा जा रहा है। उपमंडल के तीन रूट यातायात के लिए पूरी तरह बाधित हैं, जबकि 22 रूटों पर आधे रास्ते तक निगम की बसों को भेजा जा रहा है।