रामपुर/सांगला। वीरवार रात से बिगड़े मौसम के मिजाज के चलते जनजातीय जिला किन्नौर सहित रामपुर और कुल्लू जिले के आउटर सिराज क्षेत्र में फिर से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जिला शिमला के नारकंडा और किन्नौर जिले के पूर्वणी झूले से लेकर टिंकू नाला के बीच बर्फबारी और भूस्खलन के चलते नेशनल हाईवे पांच यातायात के लिए बाधित हो गया है। रामपुर से निगम की बसों को वाया बसंतपुर होकर शिमला भेजा जा रहा है। वहीं किन्नौर जिले की 53 ग्रामीण सड़कों पर वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम गए हैं। समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है और लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
गौर हो कि वीरवार रात से शुरू हुई बर्फबारी शुक्रवार को भी जारी रही। किन्नौर, रामपुर और आउटर सिराज क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर शुक्रवार को बर्फबारी का दौर जारी रहा, वहीं निचले इलाकों में रुक रुककर बारिश होती रही। बर्फबारी के चलते किन्नौर के कल्पा और पूह खंड में 47 सड़कें और निचार ब्लॉक की 6 सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बर्फबारी के चलते विद्युत बोर्ड के 24 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं, जिसके चलते जिले के छितकुल, नगस्ती, कुन्नोचारंग, रोपा वैली सहित पूह काजा के कई ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। बर्फबारी के कारण स्पीलो में चार और कानम में परिवहन निगम की एक बस फंस गई हैं।
रामपुर उपमंडल में भी आसमान से बरस रही सफेद आफत थमने का नाम नहीं ले रही। वीरवार रात से शुरू हुई बर्फबारी के कारण ग्रामीण रूटों पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। रामपुर के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूट पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हैं। दरकाली, फांचा, जगोरी, थड़ा रूट पर बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। वहीं रामपुर से रोहडू का संपर्क भी पिछले 11 दिन से कटा हुआ है। सुंगरी में भारी बर्फबारी के चलते रामपुर-रोहडू मार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
लोक निर्माण विभाग कल्पा के एसडीओ अशोक नेगी, एसडीओ भावानगर राहुल सूद ने बताया कि बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और करीब 300 मजदूरों को तैनात किया गया है।
विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने कहा कि बर्फबारी से दो दर्जन ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बोर्ड के कर्मचारी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं।
परिवहन निगम रामपुर के आरएम गुरबचन सिंह ने कहा कि नारकंडा में बर्फबारी के चलते एनएच पांच पर बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही। निगम की बसों को वाया बसंतपुर होकर शिमला भेजा जा रहा है। उपमंडल के आधा दर्जन से अधिक रूटों पर निगम की बसों को नहीं भेजा जा रहा। अधिकांश ग्रामीण रूटों पर संभावित स्थानों तक ही बसों की आवाजाही करवाई जा रही है।