65 किलोमीटर मार्ग पर खतरे के साये में हो रहा सफर
हजारों लोगों सहित मरीजों को आवाजाही में झेलनी पड़ रही परेशानियां
प्रशासन और प्राधिकरण से शीघ्र समस्या दूर करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर सफर खतरों से भरा बना हुआ है। जिला किन्नौर मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह काजा लाहौल-स्पीति को जोड़ने वाले एनएच में चौरा से लेकर पोवारी तक जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। करीब 65 किलोमीटर मार्ग खस्ताहाल है, जिससे हजारों लोग रोजाना खतरों के साए में सफर करने को मजबूर हैं।
गौर हो कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच से जिला किन्नौर के तीन खंडों के अलावा काजा, स्पीति वैली के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। इसके अलावा भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवान, पर्यटक सहित हजारों किसान-बागवानों को लाभ मिलता है, लेकिन किन्नौर के प्रवेशद्वार चौरा से लेकर पोवारी तक जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। जिले के हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। बड़ा कंबा पंचायत की प्रधान मोनिका नेगी, छोटा कंबा की प्रधान स्नेह प्रभा नेगी, उपप्रधान जसमन नेगी, उपप्रधान रूपी पंचायत मुकेश नेगी, पूर्व प्रधान रूपी रघुदास नेगी, तरांडा के प्रधान हरीभगत नेगी, कल्पा पंचायत की प्रधान सरिता नेगी, कोठी के प्रधान ओमप्रकाश नेगी, उपप्रधान महेश नेगी, शुदारंग के प्रधान दलीप नेगी और ख्वांगी की प्रधान सत्य देवी नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने एनएच-पांच की हालत सुधारने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि चौरा, निगुलसरी, तरांडा मंदिर, नाथपा, सोल्डिंग, पलिंगी, कक्षस्थल, पागलनाला, चोलिंग, लाल डंका, रल्ली, शोंगठोंग और पोवारी में जगह-जगह एनएच की हालत खस्ता बनी हुई है।
प्लांट स्थापित कर जल्द चौरा से वांगतू तक मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यहां से आगे ठेकेदार को एनएच को सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।
- केएल सुमन, एक्सईएन, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण